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बस की चपेट में आने से आईटीआई के छात्र की मौत, छात्रों ने किया प्रदर्शन

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बस की चपेट में आने से आईटीआई के छात्र की मौत, छात्रों ने किया प्रदर्शन
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फोटो नंबर-26 व 27
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। मंगलवार सुबह आईटीआई के पास सड़क दुर्घटना में एक छात्र की मौत हो गई। सिरसा डिपो की बस में सवार यात्रियों ने बताया कि जिस समय बस आईटीआई कलायत के नजदीक बाईपास को छोड़ कर कलायत बस स्टैंड पर जाने वाले मार्ग पर मुड़ी तो ब्रेकर के कारण बस को चालक ने धीमा कर लिया। बस में सवार नरवाना का निवासी छात्र मनोज धीमी स्पीड होने के साथ ही बस से उतर गया पर संभल नहीं पाया। छात्र बस के पिछले टायर की चपेट में आने से घायल हो गया। घायल छात्र को तत्काल कलायत अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां से उसे प्राथमिक चिकित्सा देकर कैथल रेफर कर दिया गया। कैथल के जिला अस्पताल से भी घायल छात्र को चंडीगढ़ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही इस्माइलाबाद के पास उसकी मौत हो गई।
देरी से पहुंची एंबुलेंस : कलायत अस्पताल में पहुंचते ही एंबुलेंस को फोन कर दिया गया पर उसे पहुंचने में काफी देरी हो गई। एंबुलेंस चालक के देरी से पहुंचने तथा अभद्र व्यवहार करने पर परिजनों व चालक के बीच तनातनी हो गई। परिजनों का कहना था कि न तो कलायत में चिकित्सक हैं और न ही एंबुलेंस की कोई सुविधा। यदि एंबुलेंस तत्काल मिल जाती तो शायद घायल छात्र की जान बच सकती थी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने में लगी थी।
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आईटीआई के छात्रों का फूटा गुस्सा : छात्र के मौत की सूचना मिलते ही छात्र छात्राएं आईटीआई का बहिष्कार कर सड़कों पर उतर आए। परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वे बस स्टैंड की तरफ चल दिए। वहां पहुंच कर छात्रों ने परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने छात्रों को समझाया और उनकी समस्या को परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचाए जाने के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए। प्रदर्शन में शामिल छात्र राजेश, महेंद्र, काला, रघुबीर, नीरज आदि का कहना था कि कलायत बस स्टैंड से आईटीआई की दूरी दो किलोमीटर से अधिक है। परिवहन विभाग की कोई भी बस आईटीआई पर नहीं रुकती जिसके कारण छात्र छात्राओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। छात्र अजय पाडला, अमनदीप, गोविंद, विजय, अनिल, राजीव आदि का कहना था कि पास में जब परिवहन विभाग द्वारा उनसे संस्थान तक का किराया वसूला जाता है तो ऐसे में संस्थान तक बस सेवा उपलब्ध क्यों नहीं करवाई जा रही।
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