फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

80 हजार रुपयों व 12 सौ रुपये के फोन के लालच में कर दी ड्राईवर की हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गत 14 दिसंबर को चीका में मिले शव के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए ट्रक चालक व परिचालक को गिरफ्तार किया है। दोनों ट्रक चालकों ने तीसरे ट्रक चालक की हत्या 80 हजार रुपये व 12 सौ कीमत के फोन के लिए की थी। उसकी हत्या पंजाब के राजपुरा रोड पर की गई थी। इसके बाद उसके शव को चीका क्षेत्र में फेंका गया। पुलिस ने सीवन क्षेत्र के रहने वाले दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर ले लिया गया है।
सीआईए वन के इंचार्ज महावीर सिंह ने बताया कि हत्या करने वाले दोनों आरोपी ट्रक ड्राइवर हैं। जो अपनी गाड़ी से फतेहगढ़ साहिब में दिल्ली व हरियाणा से चावल निर्यात करते थे। उन्होंने बताया कि सीवन निवासी ट्रक ड्राइवर रिंकू व परिचालक रवि व जम्मू कश्मीर निवासी रणजीत 12 दिसंबर को फतेहगढ़ साहिब में एकत्रित हुए। रिंकू व रवि दिल्ली से चावल लेकर आए थे और मृतक रणजीत यूपी से धान लेकर मिल में आया था। जहां अगले दिन मिल मालिक ने अपने कार्यालय में बुलाकर रिंकू व रणजीत को किराया दे दिया। रणजीत के पास काफी नकदी देखकर रिंकू व रवि ने नकदी लूटने की योजना बनाई। दोनों के ट्रक एक साथ राइस मिल से निकले। रणजीत ने टोडर मल चौंक सरहिंद के पास अपने ट्रक की लाइटों से इशारा करके रिंकू के ट्रक को रुकवा लिया। उसने उन्हें बताया कि उसके ट्रक का गीयर खराब हो गया, उसे शहर की जानकारी नहीं है, सामान दिलवा दो। दोनों आरोपियों ने रणजीत को अपने ट्रक में बिठा लिया। उसे रिपेयर का सामान दिलवाने के बहाने राजपुरा रोड पर ले गए और शाम करीब 4 बजे एकांत में ट्रक रोककर रणजीत के सिर पर हथौड़े से कई वार करके उसे अधमरा कर दिया। इसके बाद चादर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने रणजीत के 80 हजार रुपये नकदी व मोबाइल फोन लूट लिया। बाद में शव को चीका में फेंक दिया। इसके बाद दोनों फरार हो गए।
विज्ञापन

मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था। साथ ही मृतक के पोस्टर लगाकर उसकी शिनाख्त के प्रयास किए। पोस्टर देखकर रणजीत के परिजन गुहला थाने में पहुंचे। जहां से शिनाख्त होने के बाद मामले में हत्यारों की तलाश की जा रही थी। एसपी आस्था मोदी ने 3 जनवरी को इस मामले को सीआईए पुलिस को सौंपा था। जिसमें जांच करते हुए पुलिस ने मृतक रणजीत सिंह की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने परिजनों से उसका मोबाइल नंबर पूछा। उसकी जानकारी हासिल करने के बाद मोबाइल का ईएमआई नंबर का पता लगाया गया। जिससे पुलिस को मदद मिली।
विज्ञापन

दरअसल मुख्य आरोपी रिंकू ने उस मोबाइल में अपना सिम डाला हुआ था। जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ और रिंकू सहित परिचालक रवि को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो दोनों ने उसकी हत्या की बात कबूल कर ली। वे अपना ट्रक पहले ही फतेहगढ़ साहिब छोड़ आए थे। दोनों को पूछताछ के लिए न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में चालक रिंकू से 50 हजार रुपये व परिचालक रवि से 30 हजार रुपये बरामद करवाने के अतिरिक्त अपने ठिकाने पर छिपाया गया हथौड़ा व चादर बरामद किया गया है।


80 हजार रुपयों व 12 सौ के फोन के लालच में हुई थी ड्राइवर की हत्या
14 दिसंबर को मिला था चीका में शव, ड्राइवर व परिचालक ने मिलकर दिया घटना को अंजाम
पंजाब के सरहिंद में राजपुरा रोड पर हत्या कर शव को चीका क्षेत्र में फेंका
मृतक के फोन के ईएमआई नंबर से हुआ मामले का खुलासा
फोटो नंबर-12,13
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें