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फ्लैग मार्च के दौरान डीएसपी के ड्राइवर को हार्ट अटैक, मौत

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फ्लैग मार्च के दौरान डीएसपी के ड्राइवर को हार्ट अटैक, मौत
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कई दिनों की दिन रात ड्यूटी से बेआरामी कर रहा था महसूस
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। पुलिस प्रशासन द्वारा निकाले जा रहे फ्लैग मार्च के दौरान सोमवार को डीएसपी गुहला सुलतान सिंह की गाड़ी के ड्राइवर कर्मवीर सिंह को अचानक हार्ट अटैक आ गया। पटियाला ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। 35 वर्षीय कर्मवीर सिंह पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात था और डीएसपी गुहला की गाड़ी पर ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था।
डेरा मामले के कारण उपजे तनाव के चलते पुलिस प्रशासन सोमवार को रोज की तरह शहर में फ्लैग मार्च निकाल रहा था कि उसी दौरान एचसी कर्मवीर को अचानक छाती में तेज दर्द महसूस हुआ। कर्मवीर को तुरंत महावीर दल चीका में ले जाया गया जहां से उसे तुरंत पटियाला रेफर कर दिया गया। पटियाला में पहुंचने पर डॉक्टरों ने चेकअप किया और उसे मृत घोषित कर दिया। कर्मवीर सिंह जींद जिले के गांव पोखरा खेड़ी का रहने वाला था। कर्मवीर का मेडिकल करवाकर शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
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तनाव में था कर्मवीर
कर्मवीर सिंह के साथी पुलिस कर्मियों ने बताया कि डेरा मामले को लेकर पिछले 9-10 दिनों से पुलिस लगातार हरकत में है तथा सारे ही अधिकारी व कर्मचारी दिन रात ड्यूटी दे रहे हैं। लगातार ड्यूटी के कारण कर्मवीर बेआरामी अनुभव कर रहा था। उसने कल अपने साथियों से अपना तनाव साझा भी किया था।
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पुलिस के जज्बे को सलाम
गुहला पुलिस की पिछले डेढ़ हफ्ते से चक्करघिन्नी बनी हुई है। डेरा प्रेमियों के लिहाज से बहुत ही संवेदनशील इलाका होने के बावजूद यहां मिल्ट्री या पैरा मिल्ट्री फोर्स तैनात नहीं की गई है। लिहाजा क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की सारी जिम्मेवारी स्थानीय पुलिस पर ही आन पड़ी है। डीएसपी सुलतान सिंह की अगुवाई में मुट्ठी भर कर्मचारी कभी इधर तो कभी उधर दौड़ते भागते नजर आते हैं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि दिन रात की ड्यूटी में नींद सिर्फ तब मिलती है जब डीएसपी थाना प्रभारियों की मीटिंग लेते हैं और सहयोगी पुलिसकर्मी जहां भी हो जिस स्थिति में हो कमर सीधी कर लेते हैं।
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