अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जाट आरक्षण समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता दलिया राम बालू ने की। वहीं समिति ने फैसला लिया कि आगामी 10 फरवरी को धरनास्थल पर ही रविदास जयंती मनाई जाएगी।
समिति के जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना व राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान ने कहा कि अगर सरकार ने 11 फरवरी तक जाट समाज की आरक्षण संबधी मांगों को नहीं माना तो वे इसके बाद जिला में अन्य तीन स्थानों पर अनिश्चितकालीन धरनों की शुरुआत करेंगे। उसके बाद जो भी परिणाम होंगे उसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी। समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा व जोगी राम मलिक ने कहा कि जब तक सरकार सांसद राजकुमार सैनी को पार्टी से बर्खास्त नहीं करती, आंदोलनकारियों को जारी किये गये नोटिस वापस नहीं लेती व धरना स्थलों से धारा 144 नहीं हटा लेती तब तक सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।
धरने के दौरान प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल व मास्टर अजमेर सिह ने बताया कि आरक्षण आंदोलन के बनाई गई मुख्य सचिव की कमेटी आरक्षण में रुकावट पैदा करने और आंदोलन के दर्ज मामलों में रुकावटें पैदा करने अलावा कुछ नहीं कर सकती।
जाट समाज की नेता राजबाला थुआ ने धरनास्थल को विशेष रूप से संबोधित किया। साथ ही गाना गाकर भी लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर कुलदीप गढ़ी, सोनू बांगड़, राजा राम, होशियार सिंह, रामकला बिढान, बनी सिह संधू, गजे सिह, रतन चंदाना, प्रेम मलिक, बिल्लू चंदाना, सुदंर लाल, बलबीर, रामस्वरुप सहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।