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ऑनर किलिंग के शक की होगी जांच

Fri, 24 Jul 2015 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथ्ाल
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कलायत में युवती की मौत की जांच पुलिस अधीक्षक (एसपी) या उच्च अधिकारी से कराने का निर्देश दिया है। 4 नवंबर 2014 में कैथल के कलायत कस्बे में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसमें ऑनर किलिंग की आशंका पर जांच की मांग के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
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कलायत के बलजीत सिंह नायक ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्रदेश में ऑनर किलिंग नहीं रुक रही। कलायत में युवती की मौत के मामले में प्रदेश सरकार और पुलिस से कई बार मांग के बावजूद कोई जांच नहीं हुई। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। एडवोकेट कनिष्क लखनपाल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि युवती की मौत हो गई थी और दो घंटे में शव का अंतिम संस्कार कर मामला खुर्द-बुर्द कर दिया गया, जबकि यह ऑनर किलिंग का मामला है।

हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित किया कि युवती का दाह संस्कार हो रहा था। इसी बीच वहां से युवती की सहेली का भाई सुरिंदर निकल रहा था। उसने वहां लोगों से पूछा कि युवती की मौत कैसे हुई। लोगों ने बताया कि युवती के परिजनों ने प्रेम संबंध के शक में उसे मार दिया। सुरिंदर ने पुलिस शिकायत करने की बात कही तो लोगों ने पकड़कर पिटाई कर दी। सुरिंदर पुलिस के पास भी गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छह नवंबर को उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया कि वह शव की राख से हड्डियां निकाल रहा था।
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इसे लेकर नायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग हरियाणा सरकार को उच्च स्तरीय जांच कराने का आदेश भी दे चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई केदौरान जस्टिस एसके मित्तल और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच ने महसूस किया कि यदि शव भी खुर्द-बुर्द कर दिया गया हो तो भी हरियाणा पुलिस रूल्स के मुताबिक शक के आधार पर जांच अनिवार्य बनती है।

बेंच ने सरकारी वकील से एक बार तो यह भी पूछ लिया कि जांच किस एजेंसी से कराई जानी चाहिए। सरकारी वकील कोई जवाब नहीं दे पाईं तो बेंच ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि एफआईआर दर्ज कर एसपी या इससे बड़े स्तर केपुलिस अधिकारी से प्रकरण की जांच कराई जाए। इस जांच में सुरिंदर के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच भी शामिल होगी।
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