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तीसरे दिन हुआ बलराज का अंतिम संस्कार, पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस

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creamated - फोटो : Kaithal
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पूंडरी से अपहरण करके करनाल में मार गए बलराज के शव का तीसरे दिन परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। जिससे प्रशासन को राहत की सांस मिली है। मंगलवार शाम तक का पुलिस प्रशासन को समाज के लोगों ने अल्टीमेटम दे रखा था। गनीमत रही कि पुलिस ने जल्द ही हत्यारोपियों का पता लगा लिया और अपहरण में इस्तेमाल कार भी बरामद कर ली है। इससे पूर्व सोमवार को पूर्व आईजी जेल डा. हरीश भी परिजनों व समाज के लोगों को सांत्वना देने पहुंचे थे और समाज केे लोगों को बलराज के दाह संस्कार करने के लिए राजी कर भी लिया था लेकिन उनके जाते ही युवाओं ने उनकी बात को नकार दिया था।
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बता दें कि शुक्रवार को पूंडरी के बाजार से सरेआम बलराज का कार सवारों ने अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को जिला करनाल के गांव प्योंत में फेंक गए। हालांकि शुक्रवार को मृतक के पिता ने बलराज की पूंडरी चौकी में गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। लेकिन जब मामला अपहरण का निकला तो परिजनों व पुलिस के पैरों तले की जमीन खिसक गई। परिजनों ने पुलिस पर आरोप जडे़ कि पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। अगर समय रहते तेजी दिखाती तो उनका बेटा बच सकता था। हालांकि शुरू में इसको गायब होना मान कर चल रहे थे, लेकिन जब शुक्रवार की शाम को जब बलराज का फोन स्वीच आफ आया तो परिजनों को डर सताने लगा कि कहीं उनके बेटे का किसी ने अपहरण तो नहीं कर लिया।
इस मामले में तेजी जब आई तब पूंडरीक तीर्थ के पास एक दुकान के सामने वह स्कूटी खड़ी मिली। जिस पर सवार होकर बलराज अपने घर आ रहा था। परिजनों ने उस दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो दिखा की बलराज को कुछ युवक जबरदस्ती कार में धकेल रहे हैं तो परिजन दोबारा फिर पुलिस के पास गए। परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले से अवगत करवाया। शनिवार को परिजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि बलराज की हत्या हो चुकी है। जिससे गुस्साए परिजन व कस्बावासी गुरु रविदास में भारी संख्या में एकत्रित हो गए। महिलाएं व दलित समाज के लोग इस बात पर अड़ गए कि बलराज के शव के दाह संस्कार से पहले हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
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अंडर ट्रेनिंग आईपीएस पूंडरी थाना प्रभारी हिमाद्री कौशिक व डीएसपी कृष्ण कुमार ने परिजनों व समाज के लोगों को बलराज के शव के दाह संस्कार के लिए भरपूर यत्न किए लेकिन परिजन व समाज के लोग दाह संस्कार से पहले हत्यारोपियों को पकड़ने की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन को मंगलवार शाम के 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। अगर इस समय में पुलिस हत्यारोपियों को सुराग लगाने में कामयाब नहीं रहती तो समाज के लोग शव को सड़क पर रख कर जाम लगाएंगे। लेकिन परिजनों को जब इस बात का एहसास हो गया कि हत्यारे शीघ्र गिरफ्तार कर लिए जाएंगे तो परिजनों ने मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
एसपी शशांक सावन ने कहा कि पुलिस के सामने तीन-चार लोगों के नाम आए हैं। जांच पूरी होते ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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