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समझौते के लिए दबाव डाल रहे हैं डीएसपी, सीपीएस को सौंपी सीडी

Thu, 25 May 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
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मुख्य संसदीय सचिव ने सुनीं समस्याएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान एक मामले में पीड़ित पक्ष ने डीएसपी स्तर के अधिकारी पर समझौते के लिए दबाव डालने का आरोप लगाते हुए सीपीएस को सीडी सौंपी और कार्रवाई की मांग की।  बैठक में नई व पुरानी 14 शिकायतें रखी गई थी। जिनमें से ज्यादातर का मौके पर निपटारा कर दिया गया।
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आटा चक्की का जुर्माना विवाद निपटा
ढांड निवासी नाथा राम की बिजली विभाग से संबंधित आटा चक्की पर लगाया गया जुर्माना संबंधित विवाद का निपटान कर दिया गया। नाथा राम ने आटा चक्की अजमेर सिंह पुत्र राजेश को बेच दी थी, जहां बाद में बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर 2 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अब एक लाख 60 हजार रुपये कम्पाउंडिंग राशि व ब्याज माफ करने के बाद बिल 23 हजार 539 रुपए का भुगतान अजमेर पुत्र राजेश कुमार ने कर दिया है तथा नाथा राम को अब नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी होने से इस विवाद का निपटान कर दिया है।

नक्शा पास करवाने के लिए कमेटी का गठन
वीरेंद्र बंसल एडवोकेट की नए बस अड्डे के निकट दुकानों के नक्शे पास करने का मामला भी रखा गया। करीब छह साल बीत जाने के बाद भी नक्शे पास नहीं हुए है। इस मामले में पहले ईओ को भी सस्पेंड किया जा चुका है।  इस मामले में नगर परिषद द्वारा नियमानुसार कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
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डीएसपी बना रहा है समझौते का दबाव, सीडी लेकर पहुंचे पीड़ित
प्यौदा रोड निवासी एक शिकायतकर्ता ने बताया कि 30 सितंबर 2016 को कुछ लोगों ने रंजिश के तहत उस पर  हमला कर दिया था। जिसमें उसके टांग तोड़ दी गई थी। जो अभी तक ठीक नहीं हुई है। इस मामले में डीएसपी उस पर समझौते के लिए दबाव डाल रहा है। जिसकी सीडी भी उनके पास है। शिकायतकर्ता ने सीपीएस को उक्त सीडी भी सौंपी। एसपी सुमेर प्रताप ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दूसरे डीएसपी से मामले की जांच करने आदेश दिए हैं।

जिला परिषद की जमीन पर हो रहे नाजायज कब्जे पर लगाई रोक
गांव कौल के ईश्वर सिंह की शिकायत थी कि जिला परिषद की जमीन पर पुराना अस्पताल चलता था, जोकि खंडहर हो चुका है। इस जगह पर कुछ लोगों ने नाजायज तरीके से दरवाजा खोलकर कब्जा किया हुआ है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मौके पर निरीक्षण उपरांत रिपोर्ट दी है कि एक व्यक्ति के गेट के सामने 5 फुट की चार दीवारी का निर्माण करने से यह गेट बंद हो गया है।

डस्टबीन में हुए गड़बड़ी पर होगी सरपंच से वसूली
गांव बात्ता निवासी ओमपाल ने बताया कि उसकी पत्नी वार्ड नंबर-14 की पंच है। गांव में सफाई अभियान के तहत रखे गए डस्टबीन की कीमत करीब 1200 के करीब है। इनका बिल 3 लाख 60 हजार रुपये बना रखा है। उसने कहा कि वह उसे जान से मारने व पत्नी का सस्पेंड करने की धमकी दी है। शिकायत पर डीडीपीओ ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि डस्टबिन की कीमत करीब 1400 रुपये आंकी गई है। जबकि इसकी खरीद 4072 रुपये दिखाई गई है। इस प्रकार ग्राम पंचायत को डस्टबिन में दो लाख 48 हजार रुपये की हानि हुई है। ग्राम सरपंच से राशि वसूलने के लिए पंचायती राज अधिनियम की धारा के तहत प्रिक्रिया शुरू कर दी है।

बैठक में गांव माजरी के सुखवंत सिंह ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत द्वारा गोचरान व शामलात जोहड़ की भूमि से नाजायज कब्जा छुड़वाया जाए तथा भूमि की निशानदेही करके सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में मुख्य संसदीय सचिव ने कष्ट निवारण समिति के मनोनीत सदस्य श्याम बंसल व देवेंद्र की कमेटी बनाकर इस मामले की मध्यस्थता करते हुए शिकायत को निपटाने बारे आदेश दिए थे, लेकिन बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के साथ-साथ श्याम बंसल ने बताया कि सुखवंत सिंह आदतन शिकायती है, इस मामले का निपटारा कर दिया गया है।

इस बैठक में गांव नौच के राजेंद्र कुमार, पट्टी क्योडक़ के धर्मपाल, गांव कोटड़ा की श्रीमती वेदा देवी, गांव कांगथली की सुनीता, गांव बात्ता के ओमपाल, स्थानीय माता गेट के रामस्वरूप, रहबारिया मोहल्ला के प्रवेश कुमार, करोड़ा के महावीर सिंह, गांव जाजनपुर के मियां सिंह की शिकायत सुनने उपरांत अधिकारियों को निपटारे के आवश्यक निर्देश दिए गए।
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