संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। देश भर में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर माकपा ने कड़ा विरोध जताया है। माकपा राज्य सचिव प्रेम चंद ने कहा कि यह प्रक्रिया खामियों से भरपूर है और जिस काम को पारदर्शी, व्यवस्थित और जनहितकारी होना चाहिए था, उसे बेहद अस्त-व्यस्त और मनमाने ढंग से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिना ठोस योजना के शुरू की गई इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर्स को घर-घर जाकर सत्यापन करने के लिए नामुमकिन समय-सीमा दे दी गई है। जल्दबाज़ी की वजह से कई जगह शिकायतें आ रही हैं कि बूथ लेवल आफीसर पार्टी कार्यालयों में बैठकर वोटरों को वहीं बुला रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर गलतियाँ होने और लोगों के नाम हटने का खतरा है।
प्रेम चंद ने कहा कि भारी दबाव और असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने के कारण कई बूथ लेवल ऑफिसर्स की मौतें तक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ये अचानक हुई मौतें नहीं, बल्कि गैर-ज़िम्मेदार और अमानवीय प्रशासनिक प्रक्रिया का नतीजा हैं।
क्या है एसआईआर
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग, मतदाता सूची को अपडेट करता है। उदाहरण के तौर पर कई बार ऐसा पाया जाता है कि किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है, कई बार कोई व्यक्ति 18 वर्ष का पूरा हो जाता है लेकिन उसका नाम मतदाता सूची में ऐड नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए या ऐड किए जाते हैं।