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Kaithal News: मांगों के समर्थन में लामबंद हुए पार्षद, मांग रहे 25 हजार मानदेय

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नगर परिषद कैथल के पार्षदों ने बुधवार को लघु सचिवालय में पहुंचकर डीसी प्रशांत पंवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान 31 में 15 पार्षदाें ने शक्तियां बढ़ाने की मांग पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।

पार्षदों का आरोप था कि पार्षद भी चुने हुए ऐसे जनप्रतिनिधि हैं तो अपने वार्ड और शहर के लोगाें से सीधा जुड़े हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है।
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डीसी प्रशांत पंवार ने भी उन्हें उनकी मांगों के ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। पहले सरपंचों की मांगों को भी मानकर उनके हाथ में शक्तियां दी है। इसी प्रकार से पार्षदों की भी मांगें भी पूरी की जाएं।

वार्ड नंबर 26 के पार्षद रिंकू सैनी, वार्ड नंबर की पार्षद रामकली, वार्ड नंबर सात के पार्षद विजय गर्ग और वार्ड नंबर 28 के पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि पार्षद खुद के हाथ में शक्तियां न होने से लोगों के काम नहीं करवा पाते हैं। उनका कहना था कि सरकार की तरफ से उन्हें 10 लाख रुपये की अलग से ग्रांट दी जाएं।

उन्होंने कहा कि साथ ही उनके वार्ड में होने वाले विकास कार्याें को लेकर उनके हस्ताक्षर भी हो। पहले हस्ताक्षर हों और फिर बाद में ठेकेदार का भुगतान किया जाए। ऐसा करने से वह अपने वार्ड और शहर में अच्छा विकास कार्य करवा सकेंगे।
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ये पार्षद रहे मौजूद ः डीसी को ज्ञापन देने के दौरान नप की उपाध्यक्ष व वार्ड नंबर 19 की पार्षद सीमा रानी, वार्ड नंबर 11 से सुशीला शर्मा, वार्ड नंबर 17 से प्रवेश शर्मा, वार्ड नंबर 31 से विकास कुमार, वार्ड नंबर 14 के पार्षद दीपक शर्मा, वार्ड नंबर दो की पार्षद सीमा रानी, वार्ड नंबर नौ से निरंजन सैनी और

वार्ड नंबर 23 से रामबीर उर्फ लीलू सैनी मौजूद रहे।
ये हैं पार्षदों की सात मुख्य मांगें
पार्षदों को सालाना 10 लाख रुपये स्वैच्छिक ग्रांट दी जाए, जिससे वह अपने स्तर पर विकास कार्य करवां सकें।

पार्षदों का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए।

सभी पार्षदों का मेडिकल बीमा व जीवन बीमा सरकारी स्तर पर कराया जाए।

पार्षदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी पेंशन भी शुरू की जाए।

नगर परिषद व नगर पालिकाओं में जो भी कमेटी का गठन हो वह चुनाव प्रक्रिया के तहत हो।

वार्ड में हो रहे मौजूद विकास कार्य परिषद की अनुमति से बिल का भुगतान हो।

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निर्विरोध पार्षद चुने जाने पर सरपंचों की भांति संबंधित वार्ड के लिए विशेष ग्रांट दी जाए।
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