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Kaithal News: वित्तीय कमेटी को भंग करने से पार्षद नाराज

Sat, 13 Jul 2024 07:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नगर परिषद में करीब आठ महीने पहले ही गठित की गई वित्तीय कमेटी को अब सरकार ने भंग कर दिया है। इस कमेटी को भंग करने से पार्षदों में नाराजगी और रोष है। नाराज पार्षदों का कहना है कि इस कमेटी के भंग होने से नगर परिषद के कार्य में ठेकेदार हावी होंगे। यह कमेटी ठेकेदारों की ओर से की जाने वाली मनमानी रोकने को बनाई गई थी।

इनका पक्ष है कि अब वित्तीय कमेटी भंग करने से वार्डों में होने वाला कामकाज भी काफी प्रभावित हो सकता है। गौरतलब है कि वित्तीय कमेटी में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सहित पांच लोगों को कमेटी में शामिल किया गया था। इसमें पार्षदों को भी सदस्य बनाया गया था।
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यह कमेटी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर की ओर से प्रत्येक नगर परिषद और नगर पालिका में इस वित्तीय कमेटी का गठन किया था। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कमेटी को भंग करने का फैसला लिया है। अब नगर परिषद की पेमेंट अप्रूवल कमेटी में प्रधान की गैर मौजूदगी में उप-प्रधान को शक्तियां दे दी गई हैं। कमेटी में परिषद के सचिव को भी शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव में वार्ड के पार्षदों को झटका लगा है। वार्ड पार्षदों को कमेटी में शामिल नहीं किया गया है।

वित्तीय कमेटी के सदस्य रहे पार्षद राज सैनी ने बताया कि वित्तीय कमेटी को भंग करना सही नहीं है। इस कमेटी के भंग होने से ठेकेदार फिर से हावी होंगे। कहा कि जब से इस कमेटी का गठन हुआ है। तभी से किसी भी वार्ड का पार्षद उसके वार्ड में होने वाले कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर ठेकेदार के खिलाफ एक्शन ले सकते थे। यह एक्शन उनकी ओर से करवाए गए कार्य की राशि का भुगतान रुकवा सकते थे। परंतु अब ऐसा नहीं हो पाएगा और ठेकेदार अपनी मनमानी करेंगे। इसलिए उनकी मांग है कि सरकार कमेटी को भंग करने के फैसले को तुरंत वापस ले।

यह बनाया गया है नया नियम ः बता दें कि यह वित्तीय कमेटी भंग करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए प्रस्ताव में नगर परिषद के चेयरमैन सरकारी काम के लिए अब वह खुद की गाड़ी इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है। इसके एवज में उन्हें विभाग की ओर से 16 रुपये प्रति किलोमीटर के तहत पैसों की अदायगी की जाएगी। हर महीने वह 2500 किलोमीटर तक गाड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं, सभी निकायों में निर्वाचित अध्यक्ष के पास भी कम से कम 15 से 20 लाख रुपये तक के काम करवाने के लिए हर महीने निजी कोष में बजट देने की मांग भी की थी।

सरकार की ओर से जारी किए पत्र के तहत वित्तीय कमेटी को भंग किया गया है। नगर परिषद में अब अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव को वित्तीय शक्तियां दी गई है। ऐसे में कमेटी से पार्षदों को बाहर किया गया है। यह जानकारी मुख्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के माध्यम से दी गई है। - कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद, कैथल।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए सदन की बैठक की मांग
कैथल। जिला परिषद की सदन की बैठक रद्द होने के बाद भाजपा समर्थित पार्षदों ने शुक्रवार को डीसी प्रशांत पवार से सदन की बैठक करवाने की मांग की। इस दौरान पार्षद भाजपा समर्थित जिला परिषद के उपाध्यक्ष कर्मबीर अध्यक्षता में मिले।

जिला परिषद में 25 जून को जिला परिषद की सदन की बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक अतिरिक्त उपायुक्त और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निजी कारणों से अवकाश पर होने से बैठक को स्थगित कर दिया गया था। उस समय बैठक के समय से मात्र आधा घंटा पहले चस्पा की गई थी। उस दौरान जिला परिषद चेयरमैन दीपक मलिक जाखौली ने जान बूझकर बैठक रद्द करने का आरोप अधिकारियों पर लगाया था। वहीं, जिप के वाइस चेयरमैन कर्मबीर कौल ने कहा कि था 13 पार्षदों के साथ मीटिंग में पहुंचे थे।

यहां आने के बाद उन्हें जानकारी मिली की बैठक स्थगित हो गई। उन्होंने उस समय सदन की बैठक आयोजित करने करवाने के लिए डीसी से मुलाकात करने की बात कही थी। कौल ने उस समय मीडिया के सामने आरोप लगा कहा कि गांव में विकास कार्य रुके हैं। इसके चलते पार्षदों व ग्रामीणों में रोष बढ़ रहा है। उपाध्यक्ष ने जिला परिषद में सफाई व सामान व बलिदानियों की लगाई गई प्रतिमाओं की खरीद फरोख्त को लेकर भी पार्षदों ने गोलमाल की आशंका जताई थी। पार्षदों ने आरोप लगाया था कि अब तक 52 जगहों पर बलिदानियों की प्रतिमा स्थापित की है। इनके दाम बाजारों से ज्यादा महंगे लगा रखे हैं। यह भी आरोप लगाया कि गांव में लगाए गए वाटर कूलर, वाटर टैंक व ई-रिक्शा की खरीद को लेकर भी ज्यादा बिल बनाया।

उपाध्यक्ष के साथ वार्ड नंबर चार से दीप बालू, वार्ड नंबर 11 से विक्रमजीत सिंह, वार्ड नंबर दो से देवेंद्र शर्मा, वार्ड नंबर पांच से कमलेश कौलेखां, वार्ड नंबर 19 से पार्षद प्रतिनिधि जंग सिंह, वार्ड नंबर तीन से उर्मिल, वार्ड नंबर 14 से पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र टाया, वार्ड नंबर से मनीष शर्मा, वार्ड नंबर सात से कमलेश शर्मा, वार्ड नंबर छह से अमरजीत कसान और पार्षद प्रतिनिध कुलवंत सिंह मौजूद रहे। संवाद
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जिला परिषद के 15 पार्षदों ने शपथ पत्र सौंपकर चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है। अविश्वास की बैठक के लिए 19 जुलाई अपाह्न तीन बजे का समय दिया है। यह बैठक जिला परिषद कैथल के सभागार में आयोजित होगी। इस बारे में सभी पार्षदों को सूचित कर दिया गया है। -प्रशांत पवार, डीसी, कैथल।
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