चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग स्थित गोपी काटन मील में सोमवार को कपास के ढेर आग की लपटों की गिरफ्त में आ गए। कैथल, जींद, उचाना व नरवाना से आई दमकल की गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। अभी नुकसान का आंकलन नहीं हो पाया है।
गोपी राम काटन मिल में कपास कारपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से कपास खरीद केंद्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से हजारों क्विंटल कपास की खरीद की गई है। कपास खरीद कर यहा स्टोर किया गया है। सोमवार दोपहर को कपास के ढेरों में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। अचानक आग की लपटों को देखकर मजदूरों और मिल प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही एसडीएम डा. संजय कुमार, तहसीलदार नवनीत सिंह, थाना प्रभारी जयवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर गुरुदेव सिंह, मार्केट कमेटी सचिव सविता चौधरी, राजस्व विभाग से राकेश कुमार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौका स्थल पर पहुंचे। मिल परिसर में खुले में पड़ी कपास में लगी आग इस कदर प्रचंड थी कि 4 दमकल गाड़ियों, 3 पानी कैंटरों, पुलिस बल, मार्केट कमेटी, मील कर्मियों और ग्रामीणों को हालातों पर काबू पाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। मिल में आग पर काबू पाने की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण बचाव दल को अपेक्षाकृत ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ी। मौके पर पानी के इंतजाम न होने के कारण दमकल गाड़ियों को कई-कई किलोमीटर से पानी लेना पड़ा। आग बुझाने के लिए कैथल, उचाना व नरवाना से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सके।
मिल मालिक अमन कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा जो कपास खरीद कर दी गई है, वह अलग स्टॉक है। उनकी निजी कपास में आग लगी है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। कलायत थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि मील में आग की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दमकल और अन्य संसाधनों के माध्यम से आग को नियंत्रित कर लिया गया। फिलहाल मिल प्रबंधन द्वारा नुकसान व अन्य विषय के संदर्भ में कोई शिकायत थाना में नहीं दी गई है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। आग बुझाने के लिए कैथल सहित आस-पास के शहरों से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। जिनकी मदद से आग पर काबू पाया गया है। नुकसान का आंकलन अभी नहीं हो पाया है।
मार्केट कमेटी सचिव सविता चौधरी ने कहा कि मिल में सीसीआई का कॉटन जरूर रखा है। अभी यह नहीं पता कि सीसीआई का कितना जला है और मिल मालिक का कितना जला है। कपास की कलायत में इस बार सरकारी खरीद जरूर हुई थी। जिसे मिल में स्टॉक किया गया है।