कैथल। कोरोना की पाबंदियों के बीच तीन साल से रामलीला का मंचन जिले में नहीं किया जा सका। इस बार कोरोना का ‘रोना’ खत्म होने से जिले में अबकी मुख्य रूप से छह जगहों पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। जिले में कैथल शहर में श्री ग्यारह रुद्री मंदिर, सीवन में बाबा नारायण दास मंदिर हॉल, चीका में श्री भवानी मंदिर चीका, पूंडरी, कलायत व राजौंद में रामलीला का आयोजन होगा।
रामलीला के आयोजन को लेकर क्लबों के सदस्यों की तरफ से तैयारी शुरू की जा चुकी है। सभी कलाकारों ने रामलीला मंचन के लिए रिहर्सल करना शुरू कर दी है। शहर के श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर में श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब इस वर्ष 52वें साल में रामलीला का मंचन करेगा। इसी प्रकार से सीवन के बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब के 70 साल पूरे हो चुके हैं। यहां के कलाकार भी रामलीला पेश करेंगे। उधर, चीका के भवानी मंदिर ड्रामाटिक क्लब भी 62वें साल में रामलीला का मंचन करने की तैयारी कर रहा है। इसी प्रकार अन्य जगहों पर भी कलाकारों में रामलीला शुरू करने का उत्साह साफ दिख रहा है।
श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब मना चुका गोल्डन जुबली
श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब रामलीला के मंचन की अपनी गोल्डन जुबली भी मना चुका है। इस मंच ने अब तक 160 से अधिक कलाकार दिए हैं। इस रामलीला की विशेषता यह है कि यहां पर मंचन करने वाले कलाकार 10 दिनों तक केवल रामलीला के मंच पर ही रहते हैं। इसका कारण रामलीला का मंचन पूरे समर्पण भाव से करना है। क्लब के निर्देशक जगरूप सैनी ने बताया कि वर्ष 1971 से पहले श्री ग्यारह रुद्री मंदिर सभा के कुछ सदस्य शहर के दूसरे स्थानों पर होने वाली रामलीला में कलाकर बनकर मंचन किया करते थे। इसके बाद वर्ष 1970 में श्री ग्यारह रुद्री मंदिर परिसर में मंचन शुरू किया गया। इस बार नए कलाकारों को मौका दिया गया है। रिहर्सल 31 अगस्त से शुरू हो चुकी है।