क्वारंटीन रहने के आदेशों के बावजूद कुछ लोग प्रशासन व विभाग के इन आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आने तक क्वारंटीन रहने के लिए कहा जाता है, लेकिन कुछ लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इनकी वजह से परेशानी कोरोना से बचाव कार्यों में जुटी विभाग की टीमों को उठानी पड़ रही है।
शुक्रवार को भी एक ऐसी ही घटना जिला नागरिक अस्पताल में देखने को मिली। नाम न छापने की शर्त पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार को कुछ लोगों ने कोरोना जांच का सैंपल देने के लिए विभाग को सूचित किया था। विभाग की टीम उन्हें लेने के लिए घर पर पहुंची। वहां जाकर पता चला कि वे लोग तो अपनी खुद की गाड़ी में बैठकर अस्पताल चले गए। इतना ही नहीं सैंपल देने के बाद भी रिपोर्ट आने तक का इंतजार नहीं किया और फिर वहां से निकल लिए। टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर इनमें से किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई तो कईयों को परेशानी होगी।
कंटेनमेंट जोन में भारी पड़ रहा वीआईपी कल्चर
शहर में कई जगहों पर कंटेनमेंट जोन में भी वीआईपी कल्चर भारी पड़ रहा है। कुछ लोग तो अपने घरों के बाहर क्वारंटीन या आइसोलेशन का पोस्टर चस्पा करने से भी मना कर रहे हैं, कि कहीं किसी को ये पता न लग जाए कि यहां कोई कोरोना संक्रमित है। टीम के सदस्यों ने बताया कि जिस प्रकार से हर कंटेनमेंट जोन में बल्लियां लगाकर संक्रमण वाले स्थान को बंद किया जाता है, उस तरह से आवाजाही भी बंद नहीं करने दे रहे। कुछ लोग तो क्वारंटीन के समय के दौरान घर के मेन गेट की बजाय दूसरे दरवाजे से बाहर निकल रहे हैं, ताकि किसी को पता न चले।
मामले में कैथल तहसीलदार सुदेश मेहरा ने बताया कि उनके पास इस प्रकार की शिकायतें आई हैं। उन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को समझाया जाता है कि वे कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आगे भी अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर प्रमुखता से कार्रवाई की जाएगी।