कलायत। सरकारी राशन डिपो से खाने योग्य गेहूं न मिलने को लेकर गांव खरक पांडवा निवासी जोगेंद्र एसडीएम कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत दी। उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि डिपो से दिया जा रहा गेहूं न तो इंसानों और न ही पशुओं के खाने लायक है। जोगेंद्र ने बताया कि उनके पिता के नाम पीला राशन कार्ड है, जिसके तहत प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं मिलती है। आरोप है कि इस माह डिपो से जो गेहूं दिया गया, वह पूरी तरह से खराब है। गेहूं में भारी मात्रा में कंकड़, मिट्टी और चूहों की विष्ठा मिली हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह का गेहूं खाने से लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। वहीं, डिपो होल्डर अमित ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास विभाग की ओर से जो गेहूं आता है, वही उपभोक्ताओं को वितरित किया जाता है। संवाद