संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद मरीजों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अस्पताल में तैयार किए गए आईसीयू का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे ट्रायल के तौर पर शुरू कर दिया गया है। करीब एक माह पहले लोक निर्माण विभाग ने इस आईसीयू को स्वास्थ्य विभाग को सौंपा था।
अब अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में दाखिल मरीजों को आईसीयू में शिफ्ट कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। विभाग द्वारा इसे आगामी 20 दिन तक ट्रायल के रूप में चलाया जाएगा। इसके बाद आईसीयू को नियमित रूप से शुरू करने की योजना है।
इस आईसीयू का निर्माण पिछले करीब डेढ़ साल से जारी था, जो हाल ही में पूरा हुआ है। इसके शुरू होने से अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुदृढ़ होंगी और गंभीर मरीजों को अब रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।
आईसीयू में मानव संसाधन व व्यवस्थाएं ः यहां आठ डॉक्टरों की आवश्यकता है, लेकिन फिलहाल आपातकालीन व्यवस्था के लिए दो डॉक्टरों और चार नर्सिंग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा एक डॉक्टर की 24 घंटे की शिफ्ट तय की गई है। डॉक्टरों की कमी के कारण अब तक इसे शुरू नहीं किया गया था। दो माह पूर्व जिले को 20 नए डॉक्टर मिलने के बाद इसे शुरू करने का निर्णय लिया गया। आईसीयू की जिम्मेदारी जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कंसल को सौंपी गई है।
दूसरी मंजिल पर बने आईसीयू में ये सुविधाएं हैं उपलब्ध
दूसरी मंजिल पर बने इस आईसीयू में चार वेंटीलेटर बेड और आठ एचयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बेड स्थापित किए गए हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को बेड पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा यहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टी-पैरा मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लैरिंगोस्कोप समेत तमाम अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए आईसीयू को ट्रायल के रूप में शुरू कर दिया गया है। यहां दो डॉक्टरों समेत छह स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आपातकालीन वार्ड से मरीजों को यहां दाखिल कर इलाज किया जा रहा है, ताकि सभी व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित की जा सके। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन