संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के पुराने अस्पताल परिसर में प्रस्तावित 100 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल कागजी कार्रवाई में उलझकर रह गया है। छह करोड़ रुपये का बजट जारी हुए डेढ़ साल हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं हो पाई। इस बीच मुख्यालय से केवल पत्राचार ही किया जा रहा है।
करीब एक साल पहले यहां बने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था, ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए। इसके बावजूद अस्पताल भवन का काम शुरू नहीं हो पाया है।
पिछले वर्ष सरकार ने छह करोड़ रुपये का बजट जारी किया था, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू की गई। अस्पताल बनने के बाद जिले सहित शहर व आस-पास के गांवों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
निर्माण प्रक्रिया के तहत सबसे पहले पुराने अस्पताल में बने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को गिराया जाना है। यह नया अस्पताल करीब दो एकड़ क्षेत्र में बनेगा। पुराना भवन पहले ही जर्जर हालत में पहुंच चुका है। यहां स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र और प्रसूति केंद्र संचालित होते थे, जिन्हें पहले ही अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है।
फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल में 300 बेड की व्यवस्था है, जिसमें 200 बेड मुख्य भवन में और 100 बेड पोर्टेबल अस्पताल में हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल बनने के बाद जिले में कुल 400 बेड की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्तमान में बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं। पुराने अस्पताल परिसर में फिलहाल सिविल सर्जन कार्यालय और टीबी उन्मूलन केंद्र संचालित हैं।
नए अस्पताल के निर्माण से मरीजों को न केवल महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने की जरूरत खत्म होगी, बल्कि उन्हें रोहतक या चंडीगढ़ रेफर भी नहीं किया जाएगा। वर्तमान में डिलीवरी व नवजात बच्चों की देखभाल के लिए मरीजों को नए सिविल अस्पताल तक जाना पड़ता है, जो दूरी के कारण असुविधाजनक है।
नए अस्पताल में ये सुविधाएं मिलेंगी
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जच्चा-बच्चा अस्पताल बनने के बाद यहां निकु वार्ड (नवजात गहन देखभाल इकाई) स्थापित होगा। साथ ही रोहतक और चंडीगढ़ पीजीआई जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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अतिरिक्त बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति भी होगी। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों का इलाज यहीं संभव हो सकेगा।
कुछ समय पहले ही भवन का नक्शा तैयार कर मुख्यालय से स्वीकृति ले ली गई थी। नक्शा लोक निर्माण विभाग को भेजा जा चुका है। जैसे ही सरकार से अंतिम अनुमति मिलेगी, निविदा प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल