संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका में पटियाला रोड पर पिछले कई दशकों से छह एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन पर रहे ट्रक यूनियन के कब्जे को छुड़वाए जाने को लेकर लोगों ने मिली जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड बनने से शहर का चेहरा बदलेगा और यह खुशी की बात है।
साथ ही ट्रक यूनियन वालों को भी प्रशासन कोई स्थाई जगह मुहैया करवाए। लोगों का कहना है कि अगर ट्रकों को खड़ा करने के लिए कोई भी स्थान सुनिश्चित नहीं किया गया तो वे शहर भर में इधर-उधर ट्रक खड़े करेंगे, जिससे लोगों को परेशानी होगी।
शहरवासी सन्नी कालड़ा ने कहा कि मौजूदा बस अड्डा शहर के बीचों-बीच स्थित है। इस कारण बसों का स्टापेज तय नहीं होने से कहीं भी यात्री देखकर बसें रुक जाती हैं। नया बस स्टैंड बनने के बाद यहां शहर में जाम की स्थिति समाप्त होगी। शहर के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बस स्टैंड तक पहुंचने में काफी आसानी रहेगी।
चौधरी महासिंह मार्केट में कपड़े की दुकान चलाने वाले विक्रेता विशाल गर्ग ने कहा कि नए बस स्टैंड से लंबे रूटों पर बस चलने से व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी सुबह उठते ही दिल्ली के लिए बस ले सकते हैं। फिर शाम को दिल्ली से आखरी बस से चीका लौट सकेंगे। हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले बुजुर्ग और आम लोग भी यात्रा कर सकेंगे।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के युवा जिला अध्यक्ष हरदीप बदसुई का कहना है कि बस स्टैंड बनने से शहर का चेहरा बदलेगा। यह खुशी की बात है। ट्रक यूनियन वालों को भी प्रशासन कोई स्थाई जगह मुहैया करवाए। उन्हें स्थान नहीं उपलब्ध कराया गया तो वे इधर-उधर ट्रक खड़े करेंगे। इससे जाम लगेगा और जाम में फंसकर लोग परेशान होंगे।