हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि आरक्षण आंदोलन की आड़ में उपद्रव सरकार के खिलाफ एक षड्यंत्र था। जिसे पहले समझने में प्रदेश का खुफिया तंत्र फेल रहा। वहीं बाद में इस पर नियंत्रण पाने में प्रशासनिक मशीनरी फेल रही। सरकार द्वारा सभी 21 जिलों में उपद्रव की जांच करवाई जा रही है। जिसमें वैज्ञानिक आधार पर एकत्रित किए जा रहे तथ्यों के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और जो इसमें दोषी पाया जाता है। उसकी प्रॉपर्टी कुर्क की जाएगी।
कैथल में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे मुख्य संसदीय सचिव ने बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गत दिनों जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए निर्दोष व्यक्तियों तथा संपत्ति के नुकसान का मुआवजा शीघ्र दिया जाएगा। आंदोलन के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बरती गई किसी भी अनियमितता की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रो. वीरेंद्र सिंह की ऑडियो क्लिप के आधार पर इनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है।
उन्होंने सोनीपत के मुरथल में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा इसकी जांच के लिए महिला पुलिस उच्चाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की है। यह टीम संबंधित क्षेत्र के आसपास के व्यक्तियों से पूछताछ तथा घटना स्थल से साक्ष्य जुटाएगी। वे पार्टी द्वारा गत दिनों कैथल के विभिन्न कस्बों में हुए जानमाल के नुकसान के आंकलन के लिए कैथल में पहुंचे हैं। यहां पर हुए जानमाल के नुकसान की जानकारी वे दिल्ली में 29 फरवरी को होने वाली भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक में जानकारी देंगे।
मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि पिछले सप्ताह प्रदेश में आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं रह गया था। उपद्रवियों का ध्यान लूटपाट, आगजनी पर हो गया था। सरकार ने विश्वास दिलाया था कि वे आगामी विधानसभा सत्र में इस बारे में प्रस्ताव लेकर आएंगे, लेकिन ऐसे आश्वासन के बाद भी कुछ शरारती तत्वों द्वारा हिंसक गतिविधियों में शामिल होकर प्रदेश को करोड़ों रुपये का नुकसान किया। इस अवसर पर नगराधीश नवीन आहुजा, भाजपा के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, पूर्व विधायक लीला राम, संजय भारद्वाज मौजूद रहे।