संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। रामनवमी पर कई जगहों पर कार्यक्रम हुए। रामजन्म होते ही शंख, घंटे और घडि़याल गूंज उठे। भक्तों ने प्रभु को भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया।
बुधवार सुबह से अनेक स्थानों पर सुंदर कांड का पाठ हुआ और भक्तिमय राम संर्कीतन हुआ। पंडित विशाल शांडिल्य ने कहा कि रामनवमी को हिंदुओं का पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्र के नौवें दिन ही भगवान राम का जन्म हुआ था। इसलिए इसे रामनवमी भी कहा जाता है। भगवान राम मध्य दोपहर में कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र में जन्में थे इसलिए रामनवमी पर मध्य दोपहर में भगवान राम की पूजा-अर्चना की जाती है।
विहिप प्रखंड अध्यक्ष राजू कौशिक व जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने कहा कि विहिप के जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने कहा कि भगवान राम हिंदू संस्कृति के आधार हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम 500 वर्षों के बाद मंदिर में विराजमान हुए हैं। रामलला प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहला अवसर है कि रामनवमी उत्सव का अयोध्या में भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर विहिप जिला सहमंत्री निशीकांत, प्रखंड महामंत्री संजय सिंगला, विशाल शांडिल्य, पंडित रघुबीर शर्मा, असीम शर्मा मौजूद रहे।