फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: सफर करना मजबूरी, ट्रेनों में झेलिए धक्कामुक्की

Wed, 21 Feb 2024 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। किसान आंदोलन के कारण रोडवेज की बसों के दिल्ली व पंजाब बॉर्डर तक ही जाने से यात्रियों को आगे जाने में परेशानी हो रही है। मजबूरी में कैथल से दिल्ली जाने वाली ट्रेन सहित अन्य ट्रेनों में भीड़ बढ़ी है। धक्कामुक्की के बावजूद यात्री गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।

रेलवे स्टेशन पर सुबह के समय कुरुक्षेत्र से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में भीड़ का काफी आलम रहता है। इसके साथ ही प्लेटफार्म पर भी भीड़ जुटती है। टिकट कांउटर पर केवल एक ही कर्मचारी का होने की स्थिति में यहां पर यात्रियों को टिकट भी नहीं मिल पाती है। इसके चलते उन्हें बे टिकट ही यात्रा करनी पड़ती है। बता दें कि सुबह के समय कैथल में कुरुक्षेत्र से दिल्ली डेमू एक्सप्रेस और जींद कुरुक्षेत्र पैसेंजर ट्रेन आती है। इस कारण यहां पर एक साथ दो ट्रेनों के आने के चलते यात्रियों की भीड़ अधिक रहती है।
विज्ञापन


टिकटों की बिक्री हुई दोगुनी ः कैथल रेलवे स्टेशन के टिकट प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से कैथल से होकर गुजरने वाली ट्रेन में अब यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ कैथल से बिकने वाली टिकटों की बिक्री दोगुनी हुई है। इससे कैथल रेलवे स्टेशन की आय भी जरूर बढ़ी है। कहा कि अब करीब 40 प्रतिशत तक टिकट की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। पहले एक दिन में करीब 10 से 15 हजार रुपये की टिकटें बिकती थी, लेकिन अब करीब 40 हजार रुपये की टिकट की बिक्री हो रही है।

यात्रियों को हो रहीं बहुत कठिनाइयां

जब से किसानों ने अंबाला व खनौरी बॉर्डर पर किसानों की ओर से धरना प्रदर्शन शुरू किया है। तभी से बसों को दिल्ली के बहालगढ़ बॉर्डर तक ही भेजा जा रहा है। यात्रियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार बातचीत कर हल निकाले। -रूपलाल आहूजा

रेलवे स्टेशन पर हो रही ज्यादा भीड़

रास्ते बंद होने पर ट्रेनों में अधिक भीड़ है। अब बसों में यात्रा करने वाले लोग भी लोग भी ट्रेनों से ही यात्रा करने के लिए स्टेशनों पर पहुंचते हैं। नतीजा, रोजाना की अपेक्षा ज्यादा भीड़ हो जाती है। कैथल में टिकट वितरण की एक ही खिडक़ी होने के चलते टिकट भी नहीं मिल पा रही है। -चांद

बसों से तय करनी पड़ रही लंबी दूरी

अब यात्रियों को रोडवेज की बसों में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। अधिकतर ट्रेनों में यात्रा करना लोग सही समझ रहे हैं। रोडवेज की बसें पंजाब तक जाना बंद ही हो चुकी हैं। इस समय यात्री केवल पंजाब में अपने वाहनों के माध्यम से गांवों के मार्गों से ही पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


गौरव, विद्यार्थी


सरकार के आश्वासन के बाद पिछला किसान आंदोलन खत्म किया गया था, लेकिन सरकार ने तीन साल तक मांगों को पूरा नहीं किया। दिल्ली जाने का प्रयास कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस अत्याचार कर रही है। आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार ने इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी है, जिससे आम आदमी परेशान हो रहा है। सरकार को किसानों से बात कर तुरंत उनकी मांगे मान लेनी चाहिए। -देवेंद्र हंस,

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, गुहला चीका
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें