संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की मांग में गिरावट दर्ज की गई है। जहां करीब 15 दिन पहले तक प्रतिदिन मांग 150 सिलिंडर तक पहुंच रही थी, वहीं अब
यह घटकर 40 से 50 सिलिंडर प्रतिदिन रह गई है।
व्यावसायिक सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) विभाग में आवेदन करना होता है। पंजीकरण के बाद उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिलने में लगभग पांच दिन का समय लग रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अनिवार्य आवेदन प्रक्रिया और सख्त निगरानी के कारण अनावश्यक मांग में कमी आई है। पिछले दिनों में करीब 600 उपभोक्ताओं ने लंबित पीएनजी बिलों का भुगतान किया है, जबकि 500 नए कनेक्शन भी जारी किए गए हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार, जिले की सभी 20 गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। 6 अप्रैल को सुबह 6706 सिलिंडर उपलब्ध थे, दिन में 5841 नए सिलिंडर प्राप्त हुए और 7236 सिलिंडर वितरित किए गए। इसके बाद शाम तक जिले में 5311 सिलिंडर का स्टॉक शेष रहा। इसके अलावा जिले में 11160 पीएनजी उपभोक्ता हैं। जरूरतमंद उपभोक्ता किसी भी गैस एजेंसी से निर्धारित मूल्य पर 5 किलोग्राम का एलपीजी सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं।
अवैध रिफिलिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश : उपायुक्त अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में 5 किलोग्राम गैस सिलिंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रवासी मजदूरों, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति नियमानुसार होनी चाहिए और किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी सभी जिलों को गैस आपूर्ति को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। डीसी ने अवैध रिफिलिंग पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बड़े सिलिंडरों से छोटे सिलिंडरों में गैस भरना बेहद खतरनाक है, ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए।