डा. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज के विद्यार्थियों को सूखे कंठ पढ़ाई गले नहीं उतर रही है। आलम यह है कि कॉलेज के समय विद्यार्थी कक्षाओं को छोड़कर पानी की तलाश में भटकते रहते हैं। कई बार तो पानी न होने के कारण जल्दी छुट्टी तक करनी पड़ रही है। वहीं कॉलेज के टीचर अपने घरों से पानी लेकर आ रहे हैं।
बता दें कि कॉलेज में बीते 20 दिनों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। कॉलेज के समय कक्षाओं को छोड़कर विद्यार्थी कॉलेज के पास लगते खेतों में ट्यूबवेल पर जाकर पानी पीते हैं। वहीं कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 20 कैंपर पानी मंगवाता है, लेकिन यह भी नाकाफी होता है। स्थिति यह होती है कि सुबह करीब पहले घंटे में ही पानी खत्म हो जाता है। इसके बाद कॉलेज में पानी के लिए हायतौबा मच जाती है। कॉलेज में करीब 1300 से अधिक छात्र-छात्राएं है। कॉलेज में पानी न होने के कारण विद्यार्थी बीच में कक्षाएं छोड़कर आ जाते हैं। इनसो व एसएफआई ने भी पानी की समस्या को लेकर कॉलेज प्रिंसिपल को लिखित रूप में शिकायत दी है।
विद्यार्थी 1300, कैंपर आते हैं 20
कॉलेज में प्रतिदिन 20 कैंपर पानी विद्यार्थियों के पीने के लिए आता है। लेकिन कॉलेज लगने के एक घंटे के बाद ही यह पानी खत्म हो जाता है। इसके बाद पूरे दिन कॉलेज में पीने के पानी के लिए हायतौबा मची रहती है। विद्यार्थी कॉलेज से बाहर होटलों से 20 रुपये की बोतल खरीदकर पानी पीते हैं।
कॉलेज में 10 वाटर कूलर हैं सभी खराब
कॉलेज में 10 वाटर कूलर हैं लेकिन सभी वाटर कूलर खराब पड़े हैं। जो वाटर कूलर चल भी रहे हैं उनमें भी पानी साफ नहीं आ रहा है। कॉलेज की छतों पर रखी टंकियां बिलकुल खराब पड़ी हैं। कई टंकियों से तो ढक्कन भी गायब हैं।
पानी समस्या को लेकर कई बार दी शिकायत
विद्यार्थियों ने कॉलेज में पीने के पानी की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दी है। विद्यार्थी जितेंद्र बात्ता, विशाल कुमार, विकास कुमार, योगेश, राजेश ढुल, जोगिंद्र, सुनील व इनसो जिला अध्यक्ष सम्पूर्ण कोयल, एएसफआई अंबेडकर कॉलेज ईकाई प्रधान मोहित, सुरजीत ने बताया कि वह कई बार कॉलेज प्रशासन को पीने के पानी की समस्या को लेकर अवगत करवा चुके हैं। लेकिन विद्यार्थियों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही कॉलेज में पीने के पानी की समस्या का हल नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने पर विवश होंगे। उन्होंने बताया कि पानी न होने के कारण विद्यार्थी कॉलेज बीच में छोड़कर घरों को चले जाते हैं। खेतों में जाकर वह पानी लेकर आते हैं।
पहले घंटे खत्म हो जाता है पानी
छात्रा प्रीति ने खाली कैंपर दिखाते हुए कहा कि एक घंटे में कैंपरों का पानी खत्म हो जाता है। कॉलेज में कोई आरओ सिस्टम ठीक नहीं है। विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खेतों में जाकर पीते हैं पानी
छात्र अमन ने बताया कि कई बार खेतों में जाकर पानी पीकर आना पड़ता है। पिछले एक सप्ताह से कॉलेज में पानी का बिल्कुल सूखा पड़ा हुआ है।
वाटर घर का मोटर हो गया था खराब
कॉलेज प्रिंसिपल डा. ऋषिपाल बेदी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के वाटर घर पर मोटर खराब था। उसे बदलने में एक-दो दिन लग गया। फिर उसका स्टार्टर खराब हो गया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कॉलेज के कैंपर लगवाए गए हैं। कॉलेज में जो भी वाटर कूलर खराब पड़े हैं, उनको ठीक करवा दिया जाएगा। काफी वाटर कूलर ठीक हैं।