फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दाखिला न मिलने पर भटक रहे हैं जिले के 4500 विद्यार्थी

Fri, 29 Jul 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
सीटें कम होने के कारण विद्यार्थियों को हो रहा है नुकसान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
जिले में मात्र एक सरकारी कॉलेज व दो एडिड कॉलेज है। कॉलेजों में सीटें कम होने के कारण विद्यार्थी प्राइवेट कॉलेजों में अधिक फीस पर दाखिला लेने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। शहर के कॉलेजों में दाखिला न होने के कारण विद्यार्थियों में काफी निराशा है। जिले के तीन कॉलेजों में करीब हजारों की संख्या में विद्यार्थी दाखिले के लिए जदोजहद कर रहे हैं। उन्हें अब शहर से बाहर के कॉलेजों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


यह है कॉलेजों का हाल

आरकेएसडी कॉलेज-
बीकॉम,बीए, बीएससी में 980 सीटें है। बीए प्रथम वर्ष में 3050 विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आदेवन किया था। दाखिले के लिए विद्यार्थी मारे-मारे फिर रहे हैं। 2070 विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिला है। दाखिला न मिलने के कारण विद्यार्थियों को शहर के बाहर व प्राइवेट कॉलेजों में दाखिले के लिए जाना पड़ रहा है। प्राइवेट कॉलेजों में विद्यार्थियों को भारी भरकम फीस देनी पड़ रही है।
 
 डा. भीमराव अंबेडकर कॉलेज-
बीबीए, बीकॉम, बीएससी, बीएमसी, बीएससी आईटी, बीटीएम, बीएसससी कंप्यूटर में 440 सीटें है। प्रथम वर्ष में करीब 2500 से अधिक विद्यार्थियों ने आवदेन किया था। लेकिन हैरानी की बात है कि कॉलेज में 440 सीटों में से भी बीटीएम, बीएएमसी, बीकॉम में कुछ सीटें अभी भी खाली हैं। विद्यार्थी राजकीय कॉलेज में दाखिला लेने में ही रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अन्य कोर्सों में सीटें पूरी हो चुकी हैं।
विज्ञापन


 इंदिरा गांधी महिला कॉलेज-
कॉलेज में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएससी कंप्यूटर, बीएससी मेडिकल में करीब 1000 सीटें है। करीब 2000 से अधिक छात्राओं ने प्रथम वर्ष में आवेदन किया था। बीए, बीकॉम एडमिशन फुल हो चुके हैं।

दाखिला न मिलने पर विद्यार्थियों को हो रहा है नुकसान
सरकारी व एडेड कॉलेजों में दाखिला न मिलने कारण विद्यार्थियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेने के लिए भारी भरकम फीस देनी पड़ रही है। इसके अलावा शहर के कॉलेजों में दाखिला न लेने पर विद्यार्थियों को शहर से बाहर के कॉलेजों में जाना पड़ता है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय को सीटें बढ़ाने के लिए पत्र भेजा गया है। अगर सीटें बढ़ा दी जाती है तो छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा।
डा. साधना ठुकराल, प्रिंसिपल,  इंदिरा गांधी महिला कॉलेज
 
10 प्रतिशत यूजी व पीजी सीटें बढ़ाने का नोटिस विश्वविद्यालय की ओर से जारी हो चुका है। जिसके तहत कॉलेजों में 10 प्रतिशत सीटें बढ़ाई गई हैं।
अशोक शर्मा, पीआरओ, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें