संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव मानस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल विवाह उन्मूलन को लेकर एक व्यापक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एमडीडी ऑफ इंडिया का भी सहयोग रहा। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और कल्याण से जुड़े कानूनों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल कल्याण समिति के चेयरमैन भीमसेन अग्रवाल ने की। उन्होंने ग्रामीणों को बच्चों के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों का संरक्षण, शिक्षा और सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आमजन को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की गई। साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी पात्रता की जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला समन्वयक अशोक कुमार ने बाल विवाह जैसे गंभीर सामाजिक अपराध के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने और इसे जड़ से समाप्त करने की अपील की। कार्यक्रम में सरपंच करमबीर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त अधिवक्ता हर्ष बागड़ी ने बच्चों के अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कानून बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है, आवश्यकता केवल जागरूकता बढ़ाने और समय पर कार्रवाई करने की है।