शुक्रवार रात को बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर दिखना शुरू हो गया है। शहर के अधिकतम तापमान में 4 व न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही शीत लहर के कारण लोग दिन भर ठिठुरते नजर आए। दिन में एक बार भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए। वहीं शुक्रवार रात को 5 एमएम बारिश के बाद शुक्रवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी होती रही। जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। जिले का अधिकतम औसतन तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन के समय करीब 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली शीतलहर में 87 प्रतिशत तक नमी दर्ज की गई। दिन भर बादल छाए रहने के कारण बरसात की संभावना भी बरकरार रही।
कैथल में हुई 5 एमएम बरसात: मौसम में बदलाव वीरवार को ही आ गया था। वीरवार रात भर हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही। सुबह तक लगभग 5 एमएम बारिश हुई। सुबह उम्मीद थी कि मौसम खुलेगा, लेकिन दिन भर छाए रहे बादलों के बीच सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए। फुहारों के रुप में दिन भर हल्की बूंदाबांदी जारी रही। दिन में 11 किलोमीटर की दर से चली हवाओं के कारण कार्यालयों में हाजिरी कम रहीं। वहीं सड़क व बाजारों में भी अन्य दिनों के मुकाबले भीड़ भाड़ कम नजर आई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जिले के कैथल क्षेत्र में चार एमएम, गुहला में चार एमएम व कलायत में एक एमएम बरसात दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी आसमान में बादल रहेंगे। न्यूनतम तापमान कम होने की प्रबल संभावना है। जिले में ओलावृष्टि किसी भी स्थान पर दर्ज नहीं की गई।
गेहूं व सरसों के लिए लाभकारी बरसात: कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि बरसात गेहूं व सरसों की फसलों के लिए लाभकारी है। किसान ऐसे मौसम में फसलों में पानी न लगाएं। फसलों को उनकी पैदावार के अनुरूप पर्याप्त नमी मिलेगी। वहीं किसान सुरेश कुमार, बलदेव, नरसिंह, महेंद्र व बलकार ने कहा कि बरसात के कारण किसानों को लाभ है, लेकिन ओलावृष्टि फसलों को नुकसान कर सकती है। ठंड जितनी ज्यादा हो गेहूं के लिए फायदा है।
गर्म पेय पदार्थों का करें सेवन: सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि बरसात के बाद वायरल इंफेक्शन होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। वहीं शीतलहर के कारण ठंड लगना और जुकाम जैसी वायरस जनित बीमारियां भी बढ़ती हैं। ऐसे मौसम में गर्म पेय पदार्थ पीयें। एकदम से गर्म स्थान को छोड़कर ठंडे में न जाएं। जिन्हें जुकाम या खांसी जैसी दिक्कतें हैं वे मुंह पर कपड़ा रखें ताकि इसका वायरस नहीं फैले। बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। मौसम के अनुसार कपड़ों का चयन करें। छोटे बच्चे को सुबह व शाम के समय जमीन या फर्श पर नंगे पैर न उतरने दें। अगर ठंड लग जाती है, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर इलाज करवाएं।