संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शुक्रवार सुबह से चली ठंडी शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी साफ दिखा। साढ़े छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के चलते सड़कों पर आवाजाही भी प्रभावित रही।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट के कारण ठिठुरन और बढ़ गई। दिन के समय हल्की धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर बना रहा। शीतलहर के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही कम रही। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव के पास जुटते नजर आए। बाजारों में गर्म कपड़े, ऊनी जैकेट, स्वेटर, टोपी और मफलर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
मौसम समन्वय विभाग के अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और वर्षा की उम्मीद नहीं है। हालांकि ठंडी हवाओं के कारण सुबह और रात में ठंड जारी रह सकती है। दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें, गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम ठंडी हवाओं से बचें और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। शुष्क मौसम सर्दी-जुकाम और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
दिन ढलते ही बाजार की रौनक गायब
न्यूनतम तापमान पांच डिग्री तक आने से लोग शाम को समय पर अपने घरों में पहुंचने का प्रयास करते हैं। ऐसे में बाजार में शाम को छह या सात बजे ही ग्राहक कम हो जाते हैं। ऐसे में दुकानदार अपने घर जाना शुरू कर देते हैं। रात आठ या नौ बजे तक अधिकतर दुकानदार घर चले जाते हैं। जब गर्मियों के दिनों में रात तक रौनक बनी रहती थी।