संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वीरवार सुबह से ही धूप खिली और दिनभर मौसम साफ रहा। इसके साथ ही सुबह के समय हवाओं के चलते ठंड का प्रभाव भी रहा। दिनभर 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चली। दोपहर के समय में तेज धूप खिलने से गर्मी का एहसास हुआ। वहीं शाम के समय एक बार फिर से ठंड महसूस होने लगी।
गौरतलब है कि सुबह व शाम के समय अभी भी हल्की ठंड महसूस होती है। सुबह शाम की ठंड का अधिक प्रभाव बच्चों पर अधिक दिख रहा है। बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार, दस्त की अधिक शिकायत है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल ने कहा कि सुबह शाम के समय अभी हल्की ठंड का प्रकोप है। सुबह शाम बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। अभी बच्चों को ठंडे पानी में स्नान ने करवाएं। सुबह धूप खिलने पर बच्चों को थोड़ी देर धूप सेेंके। सुबह की हल्की धूप से बच्चों को नई ऊर्जा मिलती है।
-एक से तीन मार्च को बादलवाई और एक दो स्थानों पर गरज चमक व बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना है। चार व पांच मार्च को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। छह मार्च से मौसम साफ रहने की संभावना है।
-डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।
किसान बोले- फसल की बढ़त अच्छी
किसान रामेश्वर, पाला राम, प्रदीप चहल, राजेश कुमार का कहना है कि फसलों के लिए अब तक मौसम बहुत अच्छा है। फसलों की अच्छी ग्रोथ हो रही है। हल्की बारिश हुई तो गेहूं की फसलों को और फायदा होगा। फिलहाल मौसम मेहरबान है तो उम्मीद लग रही है बढ़िया पैदावार होगी।
बदलते मौसम में बढ़ रहे वायरल बुखार के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। बदलते मौसम के कारण वायरल, गला खराब और जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सकों की सलाह है कि बदलते मौसम में अपना ध्यान रख कर बीमारियों से बचा जा सकता है।
सुबह और शाम के समय सर्दी अभी जारी है और यह परेशान कर सकती है। इससे बचाव के लिए सुबह व शाम के समय गला और सिर ढक कर रखें और सर्दी से बचें। इसके कारण से गला खराब, सर दर्द, जुकाम, वायरल आदि हो सकता है। यह जानकारी डाॅ. गुलशन नागपाल ने दी है। कहा कि इस मौसम में अपने खान पान का विशेष ध्यान रखें। सर्दी से बचाव के लिए सुबह व शाम को पूरे कपड़े पहने। सैर पर जाते हुए सिर पर टोपी और गले पर कपड़ा पहने।
बुजुर्गों और बच्चों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें। उन्हें जल्दी ठंड लगती है। बाजार का, तला हुए, खट्टे खाने से परहेज करें और जहां तक हो सके ठंडा पानी न पीएं। यदि हम इस प्रकार से अपना बचाव करेंगे तो ही सर्दी से बच पाएंगे। कहा कि यदि आपको लगता है कि बुखार है या गले में खराश है तो चिकित्सक से परामर्श करके ही दवाई लें।