सर्दी के मौसम की शुरुआत से लेकर अब तक 30 दिसंबर का दिन सबसे ठंडा रहा। न्यूनतम तापमान में एकदम से डेढ़ डिग्री सेल्सियस गिर कर एक डिग्री पर पहुंच गया। एक तरफ जहां पिछले करीब 20 दिनों से शीतलहर और ठंड के कहर ने जिलावासियों को ठिठुरा रखा है, वहीं अब आसमान में ढकी कोहरे की चादर ने ठंड को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
पहले ही जिले का न्यूनतम तापमान काफी कम होकर 2.5 डिग्री सेल्सियस था, जिसमें सोमवार को मात्र एक ही रात में 1.05 डिग्री सेल्सियस तक और ज्यादा गिरावट आ गई। ऐसे में ठंड कहर के रूप में सामने आ रही है। गिरते तापमान से बढ़ी ठंड का असर लोगों की दिनचर्या पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय लोग घरों से बाहर निकलने से किनारा कर रहे हैं। आठ बजे के बाद सड़के लगभग सुनसान दिखाई देने लगी हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कई दिनों तक ठंड से राहत को आसार नहीं हैं।
धूप से भी राहत नहीं -सोमवार को सुबह जिले का अधिकतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि रविवार को न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस था। करीब डेढ़ डिग्री तक तापमान गिरने से ठंड का प्रकोप सोमवार को सबसे ज्यादा रहा। हालांकि सुबह के समय शीतलहर की गति कम थी, लेकिन दोपहर को हवा की गति तीन किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़कर पांच किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। दोपहर को 2.20 बजे के बाद धूप भी निकली। इससे भी लोगों को ठंड से ज्यादा राहत नहीं मिल पाई।
एक सप्ताह में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट-बीते एक सप्ताह में तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ चुकी है। पिछले सप्ताह जिले का अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के करीब था और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस था। रोजाना एकाध डिग्री कमी के साथ तापमान घट रहा है। सोमवार को एक ही रात बीतने के बाद डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम हुआ है। जो अब तक का सबसे कम तापमान रहा है। धान अनुसंधान केंद्र कौल के ऑब्जर्वर बलवीर सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में मौसम ऐसे ही रहेगा। न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।