मौसम के कहर के बीच लोगों की ठिठुरन जारी है। रविवार को दिन में कुछ घंटों के लिए निकली धूप से जरूर राहत मिली। लेकिन सुबह व शाम को तापमान की गिरावट के कारण दिनचर्या पर गहरा असर हुआ है। न्यूनतम तापमान जिले में कम होकर 2.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। वहीं अधिकतम भी 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जिस कारण सुबह व शाम को लोग घरों में दुबके रहे। वहीं पूंडरी में पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पड़ रही हाड़ कंपा देने वाली सर्दी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। गांव फरल के 92 वर्षीय फकीर सिंह राणा ने कहा कि बाप रै इतनी ठंड तो पहलै कदी नी देखी। लाग्ग है या ठंड बुड्डया ने गेल्लां ले क जावेगी। वहीं 75 वर्षीय बृजपाल राणा व जीता राम शर्मा ने बताया कि जितनी सर्दी इस बार पड़ रही है। शायद इससे पूर्व उनके जीवनकाल में पड़ी हो। उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला है कि इस बार क्षेत्र में 3 डिग्री तापमान रहा। जो कि अपने आप में बहुत बड़ी बात है। ऐसा तो कश्मीर व हिमाचल में सुना जाता था। उन्होंने बताया कि वैसे तो सर्दी पहले नवंबर से ही शुरू हो जाती थी और फरवरी मध्य तक सर्दी पड़ती थी। किसानों धर्मपाल राणा फरल, सीता राम, ऋषिपाल राणा टयोंठा, बगीचा सिंह हाबड़ी, राजेंद्र बाकल, राजेश टाया अहमदपुर, गुलाब सिंह जाम्बा, जगबीर ढुल भाणा, रघबीर फौजी करोड़ा व रामगोपाल राणा का कहना है कि इस सर्दी का गेहूं की फसल को फायदा हो सकता है लेकिन सब्जी पैदा करने वाले किसानों के लिए समस्या पैदा हो रही है। यह सर्दी सब्जी उगाने वाले किसानों पर कहर बन बरस रही है। हालांकि आज क्षेत्र में कई दिनों के बाद सूर्य देवता ने दर्शन दिए हैं। जिससे लोगों ने कुछ राहत की सांस ली।
राजौंद में धूप से मिली राहत- पिछले कई दिनों से सर्दी व धूंध के प्रकोप के चलते रविवार को निकली धूप से लोगों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से लगातार पड़ रहे कोहरे की वजह से आम जनता की दिनचर्या प्रभावित होकर रह गई थी। हर कोई गर्म कपड़ों में लिपटा नजर आ रहा है। एक तरफ जहां कोहरा व सर्दी आम जनता के लिए असहनीय हो रहे है, वहीं गेहूं की फसल के लिए सर्दी व कोहरा वरदान साबित हो सकते है।