कैथल। लोकसभा चुनाव पूरी तरह से हाईटेक होगा। प्रदेश में पहली बार केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा ऐसी हाईटेक टेक्नोलॉजी उपयोग में लाई जा रही है, जिसके तहत प्रत्येक मतदान केंद्र की गतिविधियां चुनाव सुपरवाइजर के माध्यम से चुनाव आयोग की नजर में होगी। सुपरवाइजरों दो मोबाइल नंबर पोलिंग पार्टी, डेसबोर्ड के माध्यम से केंद्रीय चुनाव आयोग के पास पंजीकृत होंगे।
इन्हीं से सभी प्रकार की घटनाओं, कानून व्यवस्था, पोलिंग पार्टी मतदान से संबंधित सूचनाएं कोड वर्ड के माध्यम से भेजी जाएंगी। इस नई प्रक्रिया के तहत जिले के सभी चार विधानसभा क्षेत्र कैथल, कलायत, गुहला व पूंडरी के 676 मतदान केंद्रों के 47 सुपरवाइजर केंद्रीय चुनाव आयोग से लगातार संपर्क में रहेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त एनके सोलंकी ने बताया कि किसी भी प्रकार की घटना व कानून व्यवस्था के लिए अलग-अलग कोड वर्ड दिए गए हैं। इन कोड वर्ड के माध्यम से पल-पल की सूचनाएं चुनाव आयोग के पास लगातार पहुंचती रहेंगी।
हर दो घंटे बाद बताना होगा मतदान प्रतिशत
अब इस व्यवस्था के तहत नौ अप्रैल को मतदान से पहले दिन जब पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना की जाएगी, तो उसके लिए सुपरवाइजर को पीडी शब्द एसएमएस करना होगा, जिसका अर्थ होगा कि पोलिंग पार्टी डिस्पेच। मतदान केंद्र पर पोलिंग पार्टी पहुंचने पर सुपरवाइजर को पीआर एसएमएस करना होगा, जिसका अर्थ होगा पोलिंग पार्टी रिचड। आगामी 10 अप्रैल को मतदान के दिन की पूरी प्रक्रिया भी सीधे चुनाव आयोग से जुड़ी होगी।
मतदान के दिन मतदान शुरू होने से पहले पोलिंग पार्टी द्वारा किए गए मॉक पोल के लिए सुपरवाइजर को एमपी एसएमएस करना होगा, जिसका अर्थ होगा मॉक पोल डन।
उपायुक्त ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे प्रारंभ करने के साथ ही चुनाव सुपरवाइजर को केंद्रीय चुनाव आयोग को पीएस एसएमएस करना होगा, जिसका अर्थ होगा पोल स्टार्टेड। इसके अलावा भी दूसरी अन्य स्थितियों में इसी तरह से कोड वर्ड से सूचना दी जाएगी। इसी प्रकार सभी सुपरवाइजरों को मतदान शुरू होने के बाद प्रत्येक दो घंटे बाद केंद्रीय चुनाव आयोग को मतदान का प्रतिशत भी दर्ज करवाना होगा। सुपरवाइजरों को वोटर टर्न आउट के लिए वीपी के साथ मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या एसएमएस करना होगा।
छह बजे के बाद बचे वोटरों की संख्या बतानी होगी
मतदान का समय सायं छह बजे खत्म होने पर मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की कतार में कितने मतदाता मतदान के लिए खडे़ हैं, इसके लिए भी सुपरवाइजर को एसएमएस के माध्यम से केंद्रीय चुनाव आयोग को तुरंत सूचित करना होगा। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दीपक खुराना ने बताया कि यह नई तकनीक केंद्रीय चुनाव आयोग ने एनआईसी के माध्यम से तैयार करके लागू की है, जिसके तहत प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र के साथ-साथ जिला कैथल के सभी 676 मतदान केंद्रों को विशेष कोड दिए गए हैं।