रविवार को एक बार फिर सीएम फ्लाइंग स्क्वाड उस आचार फैक्टरी में पहुंची, जहां 26 अक्तूबर को आचार नष्ट किया गया था। शहर में चर्चाएं थीं कि टीम ने वह सारा आचार नष्ट नहीं किया, जितना रेड के दौरान पकड़ा गया था। इसके बाद अब दोबारा से निरीक्षण कर खराब आचार को नष्ट करवाया गया है।
गत माह सीएम फ्लाइंग स्क्वाड की टीम द्वारा 6 सैंपल लिए थे। जिसमें से 4 फेल हो गए थे। इसके बाद टीम ने 40 ड्रम आचार नष्ट कर दिया था। लेकिन सवाल उठने लगे कि रेड के दिन 150 से अधिक ड्रम थे। जिसमें से पूरा आचार नष्ट नहीं किया गया। इसके बाद रविवार को फिर से टीम टीम खुराना रोड स्थित आचार की फैक्टरी में पहुंची। जिसमें जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी डा. राजीव कुमार, कैथल सीआईडी इंचार्ज व सिटी एसएचओ अमित कुमार भी साथ में थे। टीम के सदस्य पहले करीब 30 मिनट तक बंद कमरे में बैठक करते रहे। मीडिया कर्मियों को देखकर टीम मौके से चली गई। इसके 2 घंटे बाद फिर से टीम वहां पहुंची और आचार के ड्रमों को एक कैंटर में रखकर नष्ट करने के लिए ले गए। मौके पर जेसीबी मशीन के साथ खुराना रोड स्थित ड्रेन के पास सड़क किनारे गड्डे खुदवाकर आचार को डालकर उस पर मिट्टी डाल दी गई।
आचार फैक्ट्ररी मालिक सुरेश कुमार ने बताया कि 4 सैंपल फेल आने के बाद 3 बार में आचार नष्ट किया गया है। उसका करीब 108 क्विंटल आचार नष्ट किया गया है। रविवार को लॉकडाउन के दौरान खराब हुआ आचार भी था।
जिला खाद्य आपूर्ति ऑफिसर डा. राजीव ने कहा कि कुछ आचार बच गया था। उसे नष्ट कर दिया गया है। दो बार में आचार नष्ट किया गया है और फैक्टरी मालिक को कहा गया है कि भविष्य में ठीक आचार बेचे।
सीएम फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों की चुप्पी से उठ सवाल - शुरूआत में अपनी रेड के लिए मीडिया कर्मियों को बुलाकर जानकारी देने वाली सीएम फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारियों की पिछले दो-तीन रेड में चुप्पी से अब सवाल उठने लगे हैं। चर्चाएं हैं कि आखिर सीएम फ्लाइंग में शामिल अधिकारी छापेमार कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे हैं। पिछली दो-तीन रेड की जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी तो दे देते हैं। लेकिन सीएम फ्लाइंग स्क्वाड में शामिल कर्मचारी व अधिकारी बात करने से बचते नजर आ रहे हैं।