संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करनाल रोड स्थित सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में रविवार को हरियाणा क्लेरिकल एसोसिएशन सोसाइटी की प्रदेश स्तर की बैठक हुई। इस दौरान सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। साथ ही जल्द मांगें पूरी न होने पर संघर्ष शुरू करने का फैसला लिया गया।
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत तंवर ने शिरकत की। लिपिकों की मांगों पर सभी सदस्यों के सुझाव मांगे गए। सभी जिला प्रधानों ने राज्य कार्यकारिणी के समक्ष अपने जिले की रिपोर्ट पेश की। राज्य प्रधान ने कहा कि सरकार के प्रथम नोटिफिकेशन के अनुसार 23 नवंबर को तीन माह का समय पूरा हो चुका है। सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लिपिक वर्ग दोबारा संघर्ष के लिए तैयार है।
राज्य उप प्रधान चितरंजन साहू ने कहा कि क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी जनवरी महीने में एक राज्य स्तरीय समारोह आयोजित कर सकती हैं, जिसके आगामी रणनीति तैयार कर ली गई है। जिला मीडिया प्रभारी मृत्युंजय मारुति शर्मा ने बताया कि सोसायटी ने कार्य समीक्षा कमेटी को रिपोर्ट सौंप दी है। अब कमेटी की एक अंतिम बैठक होने बाद सरकार लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों का वेतन निर्धारण करेगी।
हाल ही में कई वर्ग के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया गया है, परंतु लिपिकीय वर्ग लंबे समय से इस आशा में जी रहा है कि उनके भी एक सम्मानजनक वेतन मिलेगा और वो अच्छे से अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर सकेंगे। कार्य समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट का देरी से आने में लिपिकीय वर्ग में रोष व्याप्त हो सकता है। बैठक में जिला प्रधान राजेंद्र ढुल, सुरेश कौशिक, अनिल शर्मा, कर्ण सिंह मोगा, विकास, पंकज, राजेश भारद्वाज, देवेंद्र खूंगा, नवीन गोयल, नेत्रपाल सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।