हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को क्लर्क पद के लिए अंतिम चरण में परीक्षा का आयोजन किया गया। अंतिम चरण की परीक्षा में परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस की कड़ी निगरानी रही। जिला प्रशासन द्वारा लिखित परीक्षा को शांति पूर्ण एवं नकल रहित संपन्न करवाने के लिए 5 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के अलावा धारा 144 के तहत पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच दी परीक्षा, केंद्र में खिंची फोटो, पांच बार अंगूठे के निशान लगवाए गए
अंतिम चरण की परीक्षा के दौरान भी परीक्षा देने आये परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई। जिस दौरान महिलाओं के आभूषणों से लेकर पुरुष परीक्षार्थियों के कड़े, बेल्ट और रुपये भी बाहर रखवाए गए। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल जैमर, सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ वीडियोग्राफी भी करवाई गई। साथ ही परीक्षा केंद्र में फोटो भी खिंची गई और 5 बार परीक्षार्थियों के अंगूठे लगवाए गए।
परीक्षा देने आई महिलाओं के साथ आए उनके बच्चों को उनके पिता, मौसी व दादी ने संभाला। जब महिलाएं परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकली तो उनके बच्चों में एक खुशी की लहर सी दौड़ गई। महिला परीक्षार्थियों की नाक से नथ सहित कानों से बालियां तक उतरवा ली गईं।
53 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी उपस्थित
डीसी संजय जून ने पांचवें चरण में दोनों स्तरों में 8900 परीक्षार्थियों में से 4738 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी तथा 53 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी लिखित परीक्षा में बैठे। उन्होंने बताया कि प्रात: कालीन सत्र में 4450 परीक्षार्थियों में से 2319 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 2131 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस सत्र में 52 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी उपस्थित रहे। सायं कालीन सत्र में 4450 परीक्षार्थियों में से 2419 परीक्षार्थी उपस्थित तथा 2031 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस सत्र में 54 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
बैग रखने वाले स्टालों से परीक्षार्थियों को मिली राहत
क्लर्क के लिए आयोजित परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के लिए उनके बैग और मोबाइल सहित अन्य समान रखने के लिए स्टाल लगे। जिससे परीक्षार्थियों को काफी राहत मिली। वह बिना किसी भय से परीक्षा देने के लिए बैठे। स्टालों पर 20 रुपये का किराया देकर अपना समान रखा और बाद में ले लिया। उन परीक्षार्थियों को इससे राहत मिली, जो अकेले परीक्षा देने आए थे और मोबाइल व अन्य सामान बाहर रखने में परेशानी थी।