कैथल। गांवों में तालाबों में आ रहे ग्रे वाटर को साफ करने के लिए पहले 277 गांवों में से 124 गांवों में 3 व 5 पौंड तकनीक शुरू की गई थी। अब सीचेवाल मॉडल की नई तकनीक को 17 गांवों (आहूं, बेगपुर, अरनौली, भूंसला, बुढ़नपुर, बड़सिकरी कलां, चौशाला, बाकल, बुच्ची, बलवंती, भानपूरा, भैणी माजरा, बुढ़ाखेड़ा, छौत, भागल, पाड़ला, सजूमा) में शुरू किया गया है।
यह जानकारी देते हुए जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश ने बताया कि इसके तहत गंदे पानी को साफ में बदलकर खेती व अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस तकनीक के तहत नाले की एंट्री जब तालाब में होती है, वहां पर 30 फीट गहरे तीन गड्ढे बनाए जाते हैं और इनको चैंबर सिस्टम से जोड़ा जाता है। गोलाई 10 फीट होती है। पाइनपलाइन से खेती आदि कार्यों में साफ पानी को उपयोग में लाया जाता है। संवाद