विद्क्यार झील में सफाई करते कर्मचारी।
कैथल। शहर की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर विदक्यार झील की बदहाली दूर करने के लिए नगर परिषद ने एक बड़ा सफाई अभियान शुरू किया है। कई वर्षों के बाद, इस पवित्र सरोवर के सौंदर्यीकरण और सफाई के लिए कार्य शुरू किया गया है। विभाग की तरफ से इसे लेकर 50 लाख का बजट भी रखा है। इससे इसके सौंदर्यीकरण के लिए काम होगा।
स्वच्छ भारत मिशन की आईसी एक्सपर्ट भारती मलिक ने बताया कि नगर परिषद की ओर से विद्क्यार झील में एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। विद्क्यार झील के आसपास जमा गंदगी, कूड़ा-कचरा और पानी में पड़े प्लास्टिक पॉलीथीन, बोतलें और अन्य प्रदूषण पदार्थों को हटाए गए। इसकेसाथ आसपास बैठे लोगों से अपील की गई कि कोई भी कचरा पानी में न डाले। अपने आप पास सफाई बनाए रखें और कचरा सिर्फ नगर परिषद की गाड़ी में ही डाले। संवाद
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सड़ते पानी और गंदगी से मिलेगी निजात
वर्तमान में झील की स्थिति अत्यंत दयनीय है। वर्षों से जमा गंदगी, कचरा और सीवरेज के गंदे पानी के कारण झील से उठने वाली बदबू ने आसपास के निवासियों और यहाँ सैर करने आने वाले लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। अभियान के तहत सबसे पहले झील के गंदे पानी को पंपों के जरिए बाहर निकाला जा रहा है। इसके बाद झील की गहराई से कीचड़ और पॉलीथिन जैसे कचरे को हटाया जाएगा ताकि इसमें स्वच्छ जल भरा जा सके।
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झील का धार्मिक महत्व
विद्क्यार झील का धार्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा है। मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध से पूर्व भगवान कृष्ण और पांडवों ने इसी सरोवर के तट पर पूजा की थी। 16 मंदिरों से घिरे होने के बावजूद यह झील उपेक्षा का शिकार थी। स्थानीय नागरिकों ने इस अभियान का स्वागत किया है, क्योंकि इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सैर करने आने वाले लोगों को भी आसानी होगी।