जिला सामान्य अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन करने वाली मशीन के खराब होने के कारण दो माह से ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग आंखों को लेकर परेशान हैं। वहीं मोतियाबिंद के अन्य मामलों में मरीजों को पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है। जिससे लोगों का समय व धन दोनों खराब हो रहे हैं।
जिला अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए बुजुर्गों को पहले ही तीन-तीन माह की वेटिंग के बाद नंबर आ रहा था। पहले बुजुर्गों की आंखों की जांच के बाद उन्हें लेंस का नंबर दे दिया जाता था। उनका नंबर आने पर ऑपरेशन किए जा रहे थे। इसी बीच करीब दो माह पहले आंखों की जांच करने वाली मशीन खराब हो गई। जिस कारण बुजुर्गों की आंखों की जांच के बाद लेंस का नंबर नहीं पता चल पा रहा है। इसके चलते बुजुर्गों के ऑपरेशन का काम बंद हो गया।
जिला अस्पताल में कैथल सहित जींद, अंबाला, पिहोवा, टोहाना, नरवाना, पातड़ा, कुरुक्षेत्र तक से मरीज आंखों के ऑपरेशन के लिए आते हैं। मशीन के खराब होने के कारण अस्पताल में आने वाले काले मोतिया के मरीजों का चेकअप करने के बाद उनको सीधा पीजीआई की चिट थमा दी जाती है। जिस मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं है, उसे दवा देकर घर भेज दिया जाता है। ऑपरेशन ना होने के कारण आंखों की दिक्कतें दूर नहीं हो पा रही हैं।
तीन बार आ चुका है चेन्नई से इंजीनियर
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चेन्नई से मशीन ठीक करने के लिए इंजीनियर तीन बार आ चुका है। लेकिन मशीन ठीक नहीं हुई है। मशीन में लेंस संबंधी परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। इसे अब चेन्नई भेजा गया है।
सितंबर में नाम दर्ज करवाने वालों का भी नहीं हुआ ऑपरेशन
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सितंबर माह में जिन लोगों को ऑपरेशन के लिए नाम दर्ज करवाया था, अभी तक उन्हीं के ऑपरेशन नहीं हो पाए। करीब दो माह पहले से विभाग ने ऑपरेशन के लिए डेट देनी ही बंद की हुई है। करीब 500 से अधिक लोग आंखों के ऑपरेशन का इंतजार कर रहे है।
जरूरतमंद लोगों को उठाना पड़ रहा है आर्थिक नुकसान
मरीज सलोचना, मनीषा, भत्तेरी, ओम प्रकाश, जसबीर कुमार, राजबीर ने बताया कि वह पिछले दो महीने से ऑपरेशन के लिए भटक रहे है। उनको डॉक्टर कोई समय नहीं दे रहे है। मशीन खराब होने का हवाला दे रहे है। वे आर्थिक तौर पर कमजोर हैं। जिस कारण अस्पताल से बाहर के प्राइवेट अस्पतालों में खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
मशीन खराब होने के कारण आ रही है परेशानी : डा. कविता गोयल
सामान्य अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. कविता गोयल ने बताया कि मशीन के खराब होने के कारण परेशानी है। सप्ताह में तीन दिन अस्पताल में ऑपरेशन किए जाते हैं। मशीन ठीक होते ही मरीजों को ऑपरेशन की तारीख देनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल उन्हीं मरीजों के जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिन्हें मशीन खराब होने से पहले लेंस के नंबर दिए जा चुके हैं।
अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डा. ओमप्रकाश ने बताया कि मशीन के खराब होने पर दो बार यहां पर इंजीनियर भी ठीक करने के लिए आया है। लेकिन मशीन ठीक नहीं हुई है। इस मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दे दी गई है। मशीन बहुत ही महंगी है। जैसे ही मशीन ठीक होकर आएगी या फिर नई मशीन आएगी तो ऑपरेशन सुविधा उपलब्ध होनी शुरू हो जाएगी।
वहीं जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनीष बंसल का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं हैं। उन्होंने कहा की इस बारे में अस्पताल में एमएस से बात करें।