चीका में हैफेड से हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने रोष जताया है। कर्मी कुलदीप, सुशील, राजू, गुरप्रीत, मनोज, सुरजीत ने पार्क में इक्ट्ठा होकर हटाए जाने पर रोष प्रकट किया। मनोज व अन्य ने कहा कि इंस्पेक्टर द्वारा उनके साथ ज्यादती की गई है। वे एजेंसी के माध्यम से काम पर लगे हुए हैं लेकिन न तो कभी ठेकेदार यहां आकर देखता हैं ओर न ही कोई सुपरवाइजर पहुंचता हैं, जबकि सारे काम की देखरेख इंस्पेक्टर विक्रम के अंतर्गत आती है। इंस्पेक्टर द्वारा संबंधित को अंदर के हर कार्य के लिए मजबूर किया जाता है ओर जब किसी भी काम से इंकार किया जाता है तो हर बार यही धमकाया गया कि उन्हें नौकरी से निकाल देंगे। अधिकारियों ने एजेंसी के माध्यम से नए लोगों को वहां पर रख लिया व आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे 7-8 लोगों को बेरोजगार कर दिया। वहीं, इंस्पसेक्टर विक्रम सिंह ने कहा कि उनके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, सभी बेबुनियाद हैं। एजेंसी द्वारा ही कर्मचारियों को हटाया व लगाया जाता है। वे सिर्फ स्टाफ की कार्यशैली को ही सुनिश्चित करते हैं।