जिले में आगजनी की घटनाओं में पुलिस ने अभी तक 54 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली हैं। मंगलवार को कृषि, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी दिन भर खेतों में रहे और किसानों से आगजनी की घटनाओं को रोकने की अपील की। गुहला व कैथल एसडीएम ने खेतों का दौरा कर दमकल की गाड़ियों के माध्यम से आगजनी पर काबू किया। साथ ही उन किसानों के खिलाफ कार्रवाई करवाई। उधर, गांव मालखेड़ी में कृषि विभाग के एक कर्मचारी को बंधक बनाने के लिए एसडीएम कैथल ने मौके पर पहुंच कर उसे छुड़वाया और पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की सिफारिश की।
एसडीएम कैथल ने किया दौरा
एसडीएम कमलप्रीत के नेतृत्व में गठित टीमों ने गांव मानस एवं मालखेड़ी गांवों का दौरा किया। उन्होंने धान की फसल के अवशेष जलाने वाले किसानों के खेतों में मौके पर पहुंच कर आग को बुझाया। पटवारियों द्वारा खेतों की पहचान के बाद अभी तक 50 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धान की फसल अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की मदद से इन अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी किसान द्वारा धान की फसल के अवशेषों को आग लगाई जाती है तो जिला प्रशासन द्वारा अग्निशमन वाहन से तुरंत बुझाया जाएगा और इसका पूरा खर्च संबंधित किसान को वहन करना होगा।
कंबाइन को जब्त किया
नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने गांव का दौरा कर कंबाइनों की जांच की और आगजनी की घटनाओं से रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया। यहां बिना एसएमएस के धान की कटाई करते हुए एक कंबाइन का चालान कर इंपाउड कर दिया है। दिनभर इसी प्रकार से जांच अभियान जारी रहा। पटवारी सुखविंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद थे।
एसडीएम गुहला ने भी किया खेतों का दौरा
उपमंडलाधीश शशि वसुंधरा ने भी खेतों का दौरा कर आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगवाया और दमकल विभाग की गाड़ी बुलाकर आग को बुझवाया। उन्होंने गांव भूना, खरौदी, स्युमाजरा, हेमुमाजरा, राम नगर, थेहमुकेरियां, भाटियां इत्यादि गांवों के दौरे के दौरान फसल अवशेष प्रबंधन की समीक्षा की। स्युमाजरा व हेमुमाजरा गांवों में किसानों द्वारा पराली में लगाई गई आग को बुझाने के लिए मौके पर अग्निशमन वाहन बुलाया तथा पराली में लगी आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि पराली में लगी आग को बुझाने पर होने वाला खर्च भी संबंधित किसान से वसूला जाएगा तथा इसके अतिरिक्त नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजकुमार चानना, पटवारी कुलदीेप राणा, कृषि विभाग के सहायक तकनीकी प्रबंधक अशोक व अमित कुमार सहित गांव के सरपंच व किसान मौजूद रहे।
311 पहुंचा एक्यूआई
दिन में धूप निकलने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली और आंखों में जलन से भी राहत महसूस की। लेकिन सांय 4 बजे के बाद फिर से आंखों में जलन होने लगी और स्मॉग फैल गया। सांय के समय फिर से प्रदूषण के कारण लोग परेशान हुए।
हड़ताल पर जा सकते हैं विभाग के कर्मचारी
डीडीए डा. पवन शर्मा के निलंबन के विरोध में आज कृषि विकास अधिकारी एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों की बैठक होगी। प्रधान डा. ओमप्रकाश ने कहा कि प्रदूषण विभाग का काम करते हुए भी दिन-रात कर्मचारी व अधिकारी जुटे हुए हैं। इसके बावजूद डीडीए को सस्पेंड किया गया है। जो निंदनीय है। इसके विरोध में सभी कर्मचारी बैठक करके फैसला लेंगे। जरुरत पड़ी तो वे सभी हड़ताल पर भी जा सकते हैं। विभाग के अधिकारियों से मांग है कि इस निलंबन को वापिस लिया जाए। अधिकारी किसानों को जागरुक कर सकते हैं। चाहे कोई भी योजना हो, उसे लागू कर किसानों को लाभ पहुंचाने में कैथल जिला पीछे नहीं हैं। लेकिन यहां काम करने के बावजूद अधिकारियों को सस्पेंड किया जा रहा है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा।