सिटी स्कवेयर मामले में दर्ज एफआईआर के संबंध में एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल है। जिसमें कैथल पुलिस उपाधीक्षक को उस मामले की जांच की अनुमति सरकार द्वारा दिए जाने की जानकारी दी जा रही है। जिसके तहत सिटी स्कवेयर कैथल में नगर परिषद चेयरपर्सन सहित कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि अभी यह पत्र उनके पास नहीं पहुंचा है। जबकि पत्र जारी होने की तिथि सितंबर माह बताई जा रही है।
विदित रहे कि कैथल नगर परिषद चेयरपर्सन सहित कई अधिकारियों के खिलाफ सिटी स्कवेयर मामले में भ्रष्टाचार सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज है। इस मामले में पुलिस ने कई अधिकारियों को पुलिस जांच में शामिल भी कर लिया है। इसी बीच एक पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। जिसमें कैथल पुलिस उपाधीक्षक को स्थानीय निकाय विभाग के प्रिंसिपल सचिव की ओर से पत्र जारी किया हुआ बताया गया है। अभी इस पत्र की पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन पत्र में कहा गया है कि सरकार ने इस मामले की जांच की अनुमति प्रदान कर दी है।
डीएसपी एईसी ने इस संबंध में पूछने पर कहा कि पत्र के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। ना ही यह पत्र उन्हें मिला है। इस मामले में पुलिस पहले से ही जांच कर रही है। थाना शहर प्रभारी प्रदीप कुमार ने कहा कि पत्र उन्होंने देखा है। लेकिन यह अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है। यदि ऐसा कोई पत्र जारी भी हुआ है तो यह आंतरिक मामला है। रही बात जांच की तो पुलिस इस मामले में पहले से ही जांच कर रही है।