संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के पुराने बस स्टैंड की जमीन पर प्रस्तावित सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट अब नगर परिषद के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। मुख्यालय से लंबे समय के बाद करीब 19 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बावजूद, इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए कोई भी निर्माण एजेंसी रुचि नहीं दिखा रही है।
नगर परिषद द्वारा इस अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। मुख्यालय से बजट की मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस बार काम शुरू हो जाएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट रही। टेंडर की तिथि समाप्त हो गई, लेकिन किसी ने भी आवेदन नहीं किया।
इससे नगर परिषद और प्रशासन के लिए इस ड्रीम प्रोजेक्ट का भविष्य अनिश्चित हो गया है। पुराने ठेकेदारों के साथ हुए विवाद और प्रोजेक्ट में हुई देरी के कारण बड़ी कंपनियां इस काम को हाथ में लेने से कतरा रही हैं।
सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल है और शहर के सौंदर्यकरण व विकास के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कारण काम रुका था। मुख्यालय से लंबी जद्दोजहद के बाद 19 करोड़ रुपये की नई मंजूरी मिली, लेकिन एजेंसियों की बेरुखी ने नगर परिषद की उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है।
जिला उपायुक्त ने हाल ही में समीक्षा बैठक में प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए थे। यदि जल्द ही कोई एजेंसी काम नहीं शुरू करती, तो बजट के लैप्स होने का खतरा बढ़ सकता है।
सिटी स्क्वायर में बननी है सात मंजिला इमारत
जींद रोड स्थित पुराने बस स्टैंड के स्थान पर करीब 43 कनाल 10 मरले क्षेत्र में सिटी स्क्वायर का निर्माण किया जाना है। निर्माण कार्य अक्टूबर 2018 में शुरू हुआ था और एजेंसी को अक्टूबर 2020 तक इसे पूरा करना था, लेकिन विवादों के कारण कुछ समय तक काम बंद रहा। इसके बाद जब कार्य दोबारा शुरू हुआ तो उसकी गति काफी धीमी रही। परियोजना के तहत सात मंजिला इमारत बनाई जाएगी, जिसमें दो मंजिला डबल पार्किंग बेसमेंट का निर्माण होगा। इसके ऊपर बैंकों के लिए पांच मंजिलें निर्धारित की जाएंगी। सभी बैंक एक ही परिसर में संचालित होंगे और उनके एटीएम भी यहीं स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा परिसर में एक बड़ा अशोक चक्र का प्रतीक भी बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में बैंकिंग सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी और पार्किंग की समस्या से राहत मिलेगी। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर बैंक होने के कारण पार्किंग की दिक्कत बनी रहती है। विशेषकर अंबाला रोड पर जाम लगने से आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर परिषद सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यालय से 19 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाएगा। - कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त