जिला परिषद चेयरपर्सन द्वारा 12 अक्तूबर की बैठक में करवाए जाने वाले विकास कार्यों की दी गई सूची के कई काम पहले ही पूरे हो चुके हैं और गलियां ठीक-ठाक हालत में हैं। तहसीलदार कैथल की जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है। जिसमें अब जिला पार्षदों ने जांच की मांग की है। पार्षदों का आरोप है कि जो विकास कार्य नई ग्रांट से करवाए जाने थे, वे पहले ही पूरे हो चुके हैं। इसमें बड़ी गड़बड़ी की आशंका है। पार्षदों ने अब फिर से डीसी को शिकायत देकर जांच की मांग की है। वहीं एसडीएम ने जेई और एसडीओ से पहले से बन चुकी गलियों के एस्टिमेट तैयार करने पर जवाब तलब किया है।
जिला पार्षद अंजू जागलान व भाग सिंह खनौदा ने डीसी को दी शिकायत में कहा कि 12 अक्तूबर की बैठक में चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर द्वारा जिला परिषद कार्यालय में कार्यों की सूची दी गई थी। जिसमें जांच के लिए आवेदन किया था। इसमें सीईओ जिला परिषद ने तहसीलदार कैथल से विकास कार्यों की मौके की रिपोर्ट मांगी गई। तहसीलदार ने कई कार्य पहले ही पूरा होने की रिपोर्ट दी है। जिसमें सरकारी पैसा हड़प कर गलत काम करवाए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में संबंधित जेई, एसडीओ, बीडीपीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस संबंध में तहसीलदार सुदेश मेहरा ने कहा कि उनका काम केवल मौके की रिपोर्ट देना था। जो उन्होंने तैयार करके दे दी।
व्यक्तिगत तौर पर भी लगाए गंभीर आरोप- दोनों जिला पार्षदों ने चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर पर 4 साल में व्यक्तिगत तौर पर बड़ा घर बनाने, पति द्वारा गाड़ी का प्रयोग करने, भवन किराया लेने जैसे आरोपों सहित वित्तीय गड़बड़ी के भी आरोप लगाए हैं और डीसी से जांच की मांग की है।
डीसी कार्यालय में भेज दी है रिपोर्ट
जिला परिषद सीईओ कमलप्रीत कौर ने कहा कि उन्होंने तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद उन सभी विकास कार्यों का एस्टिमेट तैयार करने पर एसडीओ और जेई से कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। जो 40 लाख रुपये की ग्रांट से होने वाले विकास कार्यों की सूची में शामिल थे और पहले से ही पूरे हो चुके हैं। तहसीलदार से प्राप्त सूची डीसी कार्यालय में भेज दी है। तकनीकी ब्रांच का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्र्यों से कोई लेना देना नहीं-
चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर ने कहा कि उन्होंने पार्षदों की मांग के अनुसार विकास कार्यों की सूची तकनीकी ब्रांच को दी थी। ये विकास कार्य कैसे पूरे होते हैं, यह जिम्मेवारी तकनीकी ब्रांच की है। उनका काम केवल विकास कार्य बताना हैं। विकास कार्य करवाए जाने से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह काम जेई, एसडीओ सहित तकनीकी ब्रांच की जिम्मेवारी होती है। उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। विपक्षी पार्षद पिछले चार साल से ऐसे तथ्यहीन व झूठे आरोप लगाते आए हैं। जिसमें से आज तक सभी झूठे पाए गए हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी जो आरोप लगाए गए हैं, वे सभी झूठे हैं। विकास कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं। केवल विकास कार्यों में अड़ंगा डालने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।