जिला परिषद कैथल में मंगलवार को फिर एक अप्रत्याशित घटनाक्रम हुआ, जब बिना सीईओ, डिप्टी सीईओ के जिला परिषद की बैठक हुई। इसमें 21 में से 13 पार्षदों और तीन ब्लॉक समिति चेयरमैन ने दस महत्वपूर्ण मुद्दे पारित कर दिए। साथ ही पिछली बैठक जो जिला परिषद चेयरपर्सन की गैर मौजूदगी में एक सदस्य की अध्यक्षता में हुई थी, उस बैठक की पुष्टि करने से इंकार कर दिया। विरोधी गुट का कहना है कि यह बैठक एक्ट के अनुसार मान्य नहीं है। वहीं सीईओ जिला परिषद का कहना है कि यदि एक्ट में प्रावधान होगा तो बैठक मान्य होगी, अन्यथा नहीं।
जिला परिषद सीईओ कमलप्रीत कौर की ओर से मंगलवार को बैठक बुलाई गई थी, जिसके लिए 11 बजे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन सुबह नौ बजे सीईओ कमलप्रीत कौर ने तबीयत खराब होने के बाद सभी जिला पार्षदों को व्हॉटस-एप से मैसेज कर बैठक स्थगित करने की जानकारी दी। इसके बावजूद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर ने बैठक स्थगित करने से इंकार कर दिया। उन्होंने सभी को मैसेज करवाया कि बैठक निर्धारित समय पर जिला परिषद भवन में होगी।
बैठक में दस महत्वपूर्ण प्रस्ताव, जिसमें पिछली उन सारी बैठकों, जिनकी अध्यक्षता चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर ने की थी, उनकी कार्रवाई की पुष्टि, उनकी अध्यक्षता के बिना हुई बैठक की कार्रवाई की पुष्टि न करने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही ग्रांट वितरण के बारे में, वन स्टॉप सेंटर व अन्य कार्यों के लिए जगह देने, जिला परिषद की जमीन से अवैध कब्जे हटवाने सहित 10 महत्वपूर्ण एजेंडे पारित कर दिए गए। इससे पूर्व 25 फरवरी को जिला परिषद सदस्यों की बैठक हुई थी, जिसमें चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर खेमा नहीं पहुंचा था। इस बैठक में सभी सदस्यों ने अंजू जागलान को अध्यक्ष चुनकर बैठक की थी।
सत्तापक्ष ही दो खेमों में बंटा है जिला परिषद में
कैथल जिला परिषद में 21 पार्षद हैं, जिसमें अधिकतर भाजपा समर्थक हैं। लेकिन सत्तापक्ष ही यहां दो खेमों में बंटा नजर आता है। जिसमें चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर, वाइस चेयरमैन और कई अन्य भाजपा संगठन के पदाधिकारियों के विश्वासपात्र हैं। जबकि भाग सिंह खनौदा व कुछ अन्य पार्षदों को भाजपा विधायक समर्थक माना जाता है।
चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर, वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़, रवि तारांवाली ने कहा कि सीईओ ने चेयरपर्सन की अध्यक्षता में बैठक बुलाई थी, लेकिन उन्हें बताया गया कि उन्होंने सुबह बैठक स्थगित कर दी। जबकि उनके पास बैठक स्थगित करने का कोई संदेश नहीं आया। जिस कारण उन्होंने बैठक की और बहुमत के आधार पर सभी एजेंडे पारित कर दिए। उन्होंने कहा कि एक्ट के प्रावधान के तहत बिना सीईओ या डिप्टी सीईओ के यह बैठक की गई है।
वहीं विरोधी खेमे के जिला पार्षद भाग सिंह खनौदा, प्रतिनिधि संजय जागलान ने कहा कि सीईओ ने बैठक स्थगित कर दी थी। बिना सीईओ व डिप्टी सीईओ के बैठक आधिकारिक नहीं है। यह इन पार्षदों की निजी बैठक हो सकती है, जो मान्य नहीं है। सीईओ जिला परिषद कमलप्रीत कौर ने कहा कि उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने बैठक स्थगित कर दी थी। फिर भी यदि एक्ट में इस तरह से बैठक मान्य है तो यह स्वीकृत होगी, अन्यथा यह बैठक स्वीकृत नहीं होगी।