कैथल। प्रदेश में कार्यरत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ऑनलाइन वर्क स्ट्राइक पर है, क्योंकि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का वेतन पिछले एक वर्ष से नियमित रूप से समय पर नहीं आ रहा। इस बार भी उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। वहीं परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव भी करीब पांच से महीने से लंबित है, जिससे सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नाराज है। सीएचओ के प्रधान डॉक्टर गुरप्रीत का कहना है कि सरकार द्वारा ऑनलाइन एप्लीकेशन प्लेटफॉर्म लांच होने की वजह से डाटा ऑपरेटर का कार्य भी सीएचओ द्वारा ही किया जा रहा है । हर एक प्रोग्राम को डिजिटलाइज कर दिया गया है और डिजिटाइजेशन सीचओ के द्वारा करने का बार-बार दबाव बनाया जा रहा है ।
सीएचओ आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर कार्यरत है जो की धरातल लेवल पर गांव-गांव में घर-घर तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर से मिलने वाली 12 स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है, इन सभी अनावश्यक कार्य की वजह से सीएचओ के द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है और इन सभी समस्याओं को लेकर स्टेट कार्यकारिणी के द्वारा एमडी एनएचएम को बार-बार अवगत भी करवाया गया, लेकिन हर बार सीएचओ की समस्या समाधान का सिर्फ आश्वासन मिलता रहा।
उन्होंने कहा कि आखिरकार सीएचओ को ऑनलाइन वर्क स्ट्राइक का फैसला लेना पड़ा और पूरे हरियाणा के सीचओ पिछले 15 दिनों से ऑनलाइन वर्क स्ट्राइक पर है। जैसा कि आपको ज्ञात है सीएचओ के द्वारा ऑनलाइन किया जाने वाला कार्य जैसे कि डेली ओपीडी एंट्री , वेलनेस एंट्री, टेलीकंसल्टेशन , एनसीडी, नि़क्षय एंट्री ,युवीन और मंथली एंट्री आदि सभी आनलाइन सेवाएँ बंद है जिससे हरियाणा के हेल्थ डाटा की रिपोर्टिंग नहीं होने की वजह से एनएचएम पंचकूला में हड़कंप मची हुई है। इसलिए सरकार से आग्रह किया जाता है की सीएचओ की समस्याओं का समाधान कर दिया जाए ,नहीं तो आने वाले समय में ऑनलाइन वर्क स्ट्राइक के साथ-साथ ऑफलाइन वर्क स्ट्राइक भी किया जाएगा। जिससे आमजन की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ सरकार की होगी।