गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बच्चों को 134ए का लाभ न मिलने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
गुस्साए अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बताया कि सरकार गरीबों को मजाक उड़ाने के लिए पॉलिसी बना रही है। जब अभिभावक निजी स्कूलों में दाखिले के लिए जाते हैं तो निजी स्कूल संचालक उनके साथ अच्छे से व्यवहार भी नहीं करते हैं।
निजी स्कूल संचालक अभिभावकों को स्कूल जाने पर बताते हैं कि शिक्षा विभाग द्वारा 134ए के तहत दाखिला करने के कोई आदेश नहीं है। जिलेभर से करीब तीन हजार विद्यार्थियों ने 134ए के तहत आवेदन किया है। एक अप्रैल से शिक्षण सत्र आरंभ हो चुका है, लेकिन विभाग विद्यार्थियों के दाखिले के लिए गंभीर नहीं है। विद्यार्थी व अभिभावक शिक्षा विभाग के आदेशों का इंतजार रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने विभाग को दो दिन अल्टीमेटम दिया है कि अगर अभिभावकों की समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो अभिभावकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है
चुनाव ड्यूटी के कारण कोई अधिकारी कार्यालय पर नहीं था। जन आंदोलन के जिला प्रधान रामदिया चावरियां ने बताया कि जिलेभर से करीब तीन हजार विद्यार्थियों ने 134ए के तहत आवेदन किया है। जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा खोले गए सुविधा केंद्रों से 2013 बच्चो ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। उन्होेंने बताया कि शिक्षा का सत्र एक अप्रैल से आरंभ हो चुका है। निजी स्कूल संचालक अभिभावकों के दाखिला नहीं दे रहे हैं। कुछ स्कूलों ने दाखिला दिया है, लेकिन शहर के बड़े स्कूल अभिभावकों के साथ बात भी करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि दाखिला न होने के कारण अभिभावक व विद्यार्थी काफी परेशान है।
विद्यार्थियों के अभिभावक राजकुमार, सतीश कुमार, अनिलक, राजेश गिल, प्रदीप खनौदा, कृष्ण वर्मा, मोनू राम, सुच्चा सिंह, संजीव कुमार, महिलाओं में नीलम, आशा, सरोज, मीनू, कमलेश और अनीता ने बताया कि जिन स्कूलों के उन्होंने 134ए के तहत दाखिले के लिए आवेदन किया था। वे विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे हैं। निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से सीधे मुंह बात भी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि उनके पास शिक्षा विभाग के कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं।