कैथल। बाल उपवन आश्रम से डेढ़ साल के बच्चे को चुराने के मामले में शहर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूला कि शादी के करीब ढाई वर्ष बाद भी उसे कोई औलाद प्राप्त नहीं हो सकी। औलाद की लालसा में वह बाल उपवन से छोटे बच्चे को चुराकर ले गया। आरोपी ने बताया कि बच्चा चुराने की वारदात से उसकी पत्नी खुश नहीं थी, लेकिन उसने वंश चलाने के लिए बच्चे को चुराया था। पुलिस पीआरओ ने बताया कि गांव डोहर निवासी आरोपी विकास जो इस समय बलराज नगर कैथल में रहता है। पूछताछ की तो आरोपी ने कबूला कि बंगाल निवासी युवती से शादी करने कारण उसके परिजन उससे खुश नहीं थे। इस कारण वे दोनों बलराज नगर कैथल में रहने लगे। उसकी पत्नी द्वारा अपने पूर्व पति से दो बच्चे होने के बाद नसबंदी करवा ली गई थी, लेकिन उसने शादी के बाद पत्नी के नसबंदी ऑप्रेशन को कुरुक्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल में खुलवा लिया था। इसके बाद भी औलाद प्राप्त नहीं हो सकी तो वह अक्सर उन जगहों पर जाने लगा, जहां छोटे बच्चे मिल सकते थे। पांच दिसंबर को उसने देखा कि कमेटी चौंक के नजदीक बाल आश्रम में काफी छोटे बच्चे रहते है। सात दिसंबर की शाम करीब चार बजे वह बाइक से वहां आया और एक बच्चे को उठाकर घर ले गया। अगली सुबह विकास बच्चे को लेकर कटिंग करवाने के लिए नाई की दुकान पर गया। वहां नाई ने उसको बताया कि जिस बच्चे को तू गोद में लिए हुुए है, उस बच्चे की व तेरी फोटो आज के अखबार में समाचार सहित छपी है। सभी मोबाइलों पर भी बच्चा चोरी की खबर आई हुई है। डर के मारे वह उसी बाइक पर बच्चे को छोड़ने सिटी थाना गया। बच्चे को मेडिकल जांच के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे की माता बाल उपवन आश्रम में बतौर कुक कार्य करती है। उसकी शिकायत पर शहर थाना में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।