वार्ड नंबर 1 की गली में खेल रही तीन वर्ष की बच्ची घर के पास बहते हुए गंदे नाले में जा गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद साथी बच्चे शोर मचाते हुए घर की तरफ दौड़े। मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी।
घटनाक्रम के अनुसार चीका गांव के वार्ड नंबर एक निवासी प्रवीण कुमार की सबसे छोटी बेटी नैंसी अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इस दौरान वह खेलते-खेलते चार फीट गहरे नाले में जा गिरी। नैंसी के नाले में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया और मदद के लिए घर की तरफ दौड़े। घर के सदस्यों ने आनन फानन में नाले में तलाश शुरू की, लेकिन पानी के बहाव के चलते बच्ची जहां गिरी थी, उससे काफी आगे निकल गयी थी। थोड़ी दूर जाकर वह एक घर के बाहर नाले के ऊपर बनाई गई स्लैब के नीचे जाकर फंस गई थी। नैंसी के पिता प्रवीण कुमार ने बताया कि जब तक स्लैब को साइड से तोड़कर नैंसी को बाहर निकाला जा सका तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्ची की नाले में डूबने से हुई मौत की खबर सुनते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसके लिए नगरपालिका को जिम्मेदार ठहराया है।
मैं एक साल से चिल्ला रहा हूं, मेरी नहीं हो रही सुनवाई
वार्ड नंबर 1 के पार्षद राजेश सीड़ा ने इस हादसे के लिए नगर पालिका को जिम्मेदार ठहराया है। सीड़ा ने कहा कि यह नाला तकरीबन 4 फुट गहरा है तथा पानी का आखिरी ठिकाना ना बनाए जाने के कारण हर वक्त भरा रहता है। सीड़ा ने कहा कि वे इस नाले को ढककर अंडर ग्राउंड करने की बात को लेकर पिछले एक साल से शोर मचा रहे हैं, लेकिन पालिका प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि पालिका ने उनकी मांग पर एक साल पहले नाले पर स्लैब डालने का टेंडर तो लगा दिया मगर ठेकेदार ने आज तक काम शुरू नहीं किया। राजेश ने कहा कि नपा प्रशासन ने आज तक संबंधित ठेकेदार को ना तो नोटिस दिया और ना ही उसका टेंडर रद्द किया है।
शहर की अनेकों बस्तियों में खुले हैं मौत के नाले, कभी भी हो सकता है हादसा
शहर के वार्ड एक में ही नहीं बल्कि अन्य कई स्थानों पर इस प्रकार के नाले खुले पड़े हैं। मुख्य तौर पर धानक बस्ती के पास पारसी नाला खुला है और गोशाला के पास जो अंडरग्राउंड नाला था, उसको भी कई दिनों से तोड़ रखा है। मौसम खराब होने के कारण यहां भी किसी दिन हादसा हो सकता है। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि इसी प्रकार का हादसा हुआ तो कौन जिम्मेवार होगा?
नगर पालिका के सचिव सुशील कुमार का कहना है कि वार्ड नंबर एक के नाले को अंडर ग्राउंड करवाने के लिए अप्रूवल के लिए फाइल भेजी गई है। इस काम पर लगभग 1 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत आएगी। वार्ड में नगरपालिका द्वारा सीवरेज डलवाया गया है लेकिन आज तक वार्ड के लोगों ने सीवरेज में कनेक्शन नहीं करवाए हैं, जिसके चलते घरों का पानी नालों में जमा हो जाता है। एक वर्ष पहले टेंडर दिए जाने के आरोप गलत हैं।
नगर पालिका चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा ने कहा कि तालाब यहां ओवरफ्लो हो चुका है, जिस कारण इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभाग मुख्यालय1.94 करोड़ रुपये का एस्टीमेट अप्रूवल के लिए भेजा गया है। जिसकी मंजूरी नहीं आई है। जैसे ही मंजूरी आती है, उसी समय यहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।