कांग्रेस के कद्दावर नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने शनिवार को गुहला की नई अनाज मंडी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में सीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को यदि तीन साल पहले बदल देती तो लोकसभा चुनाव में पार्टी को शर्मनाक हार न झेलनी पड़ती। 10 में से नौ सीटों पर हुई हार के लिए हुड्डा जिम्मेदार हैं। यदि उन्होंने पूरे प्रदेश में एक समान विकास कार्य करवाए होते तो पार्टी की इतनी बुरी हार नहीं होती। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पिछले नौ साल में आठ यूनिवर्सिटी खोली गई हैं जिनमें से कोई भी यूनिवर्सिटी करनाल, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, पानीपत में नहीं है। उत्तरी हरियाणा के लोगों को आज भी गली, नाली व सड़कों जैसे मुद्दों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
हांसी बुटाना नहर पर बोलते हुए कहा कि किसी विशेष क्षेत्र को फायदा पहुंचाने के लिए हजारों किसानों की जमीनें बर्बाद करने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने हांसी बुटाना नहर के खुदवाने के निर्णय को ही कटघरे में ही खड़ा करते हुए कहा कि इसके लिए न तो केंद्र सरकार से अनुमति ली गई न ही पंजाब सरकार से बातचीत कर इस मसले का हल निकाला गया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की प्रेरणा व सोनिया गांधी के विश्वास के चलते वे राजनीति में इतना आगे आए। उनका गांधी परिवार के इतने करीब होना प्रदेश के कई नेताओं को भा नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद को जड़ से खत्म करने के लिए परिवर्तन की सख्त जरूरत है। देश की राजनीति करवट ले रही है। सम्मेलन में पूर्व चेयरमैन रामेश्वर भागल ने बीरेंद्र सिंह को चांदी का मुकुट पहनाया।
इस अवसर पर धर्मपाल शर्मा, विनोद सिंगला, ओमता राम वाल्मीकि, रामकुमार शर्मा, पैक्स चेयरमैन नैब सिंह सीड़ा, रामेश्वर भागल, मोहन सिंह राणा, रामपाल राणा पीडल, मलकीत सीड़ा, बलदेव पूनिया, गुरदेव सिंह एडवोकेट, राजेश सीड़ा, मुख्तयार सिंह सरपंच, सुभाष सीड़ा, रमेश सीड़ा थेह नेवल, धर्म सिंह मैगडा, बलदेव मान, जंगीर सरपंच और भोला खान मौजूद रहे।