कलायत/कैथल। कैथल में नवनियुक्त डीसी जगदीश शर्मा, कुरुक्षेत्र के डीसी शांतनु शर्मा, एसपी जींद सुमित कुमार, एडीपीआर पब्लिक रिलेशनस डॉ. कुलदीप सैनी, बीजेपी जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर, एसडीएम संजय कुमार, सीटीएम गुलजार मलिक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने गांव धनौरी का दौरा किया। आगामी 21 से 23 अप्रैल तक मनाए जाने वाले संत धन्ना भगत जन्मोत्सव समारोह की तैयारी जांची और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर प्रांगण, समारोह स्थल, हेलीपेड, पार्किंग स्थल का दौरा किया और किए जाने वाले इंतजाम के बारे में विस्तार से चर्चा की। डीसी जगदीश शर्मा ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी संत धन्ना भगत की प्रदेश स्तरीय जयंती को गरिमा पूर्वक व भव्य तरीके से मनाने संबंधी सभी तैयारियां समय रहते पूरी करें। उन्होंने अधिकारियों के साथ भंडारा स्थान, पार्किंग, हेलीपैड, प्रेस गैलरी, स्वस्थ पेयजल व्यवस्था, बिजली, पानी, सफाई व्यवस्था, हवन के अलावा अन्य जरूरी पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीसी शर्मा ने हमारा देश संत-महात्माओं और ऋषि-मुनियों की धरती है। उनके तपोस्थल आज आस्था का केंद्र बन गए हैं। हमें संतों की ओर से दर्शाए गए मार्ग से सेवा की सीख और सोच को और बेहतर बनाते हुए सभ्य समाज की संरचना में अपना सहयोग देने की जरूरत है। संत श्री धन्ना भगत भी ऐसे संत थे, जिन्होंने समाज से कुरीतियां दूर करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
दौरे के बाद डीसी जगदीश शर्मा ने लघु सचिवालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक भी ली और उन्हें समारोह के दृष्टिगत आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर डीसी कुरुक्षेत्र शांतनु शर्मा, एसपी जींद सुमित कुमार, सूचना जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी, एसडीएम संजय कुमार, सीटीएम गुलजार मलिक, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, एआईपीआरओ कृष्ण कुमार, बीडीपीओ भजन लाल, गांव के सरपंच कपिल ढांडा, मुनीष कठवाड़, अजीत चहल आदि मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री लेंगे हिस्सा
डीसी शर्मा ने बताया कि 21 व 22 अप्रैल को हवन, भंडारा तथा धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 23 अप्रैल को जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इसके अलावा अन्य मंत्री, सांसद, विधायक व प्रतिष्ठित व्यक्ति भी शामिल होंगे। समारोह में मुख्य मंच के साथ तीन अन्य मंच भी बनाए जाएंगे, जिसमें संत व समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति बैठेंगे। एक मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।