संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जमीन के दस्तावेजों पर साझेदारों के फर्जी हस्ताक्षर करके और जाली दस्तावेज तैयार करवाकर पांच आरोपियों ने साझेदारों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
गांव फतेहपुर पूंडरी निवासी प्रवीन कुमार गर्ग की शहर थाना में दी गई शिकायत के अनुसार उसने प्रोफेसर कॉलोनी कैथल निवासी अशोक कुमार के साथ मेसर्स अशोक एसोसिएट्स के नाम पर एक साझेदारी फर्म का गठन दिसंबर 2010 में किया था। इसमें पांच साझेदार थे और जींद रोड पर फर्म के माध्यम से 52 कनाल तीन मरले भूमि खरीदी थी। बाद में आरोपी अशोक कुमार ने खुद को मेसर्स अशोका एसोसिएट्स का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाकर अपने नाम पर इसमें से जमीन ग्रीन बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स के मालिक गुरुग्राम निवासी वीरेंद्र गोयल को बेच दी।
आरोपी अशोक कुमार एवं उसकी पत्नी अनु रानी ने फर्म की संपत्ति हड़पने के लिए झूठे कागजात तैयार करवा लिए। आरोपियों ने मिलकर अन्य फर्म के साझेदारों के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए और उसमें से जमीन कैथल निवासी दीपिका गुप्ता और छाता लक्ष्मण दास निवासी विनीति को विक्रय कर दी। विक्रय राशि कम दिखाई गई, जबकि राशि विक्रय पत्र में दर्शाई गई कीमत से तीन से चार गुना ज्यादा है। इन रजिस्ट्रियों में जान बूझकर कम कीमत दर्शाने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता को फरवरी 2014 में इसके बारे में पता चला, जब उपरोक्त खरीदार जमीन पर कब्जा करने आया। आरोपियों ने तहसील कैथल के कर्मचारियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की जमीन का 60 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया, जो शिकायतकर्ता और अन्य साथियों की सहमति के बिना कानूनी रूप से संभव नहीं था। ऐसा करके आरोपियों ने करोड़ों की धोखाधड़ी की है।
इस संबंध में उसने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।