संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दो युवकों को कुरुक्षेत्र बिजली बोर्ड में नौकरी लगवाने के नाम पर दो आरोपियों ने आठ हजार 70 रुपये ठग लिए। शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इनमें से मुख्य आरोपी कैथल एडीसी कार्यालय मे कार्यरत था और वर्ष 2012 में सरकारी राशि का गबन करते पाया गया था। आरोपी पर पहले भी कैथल में केस दर्ज है।
गांव माघोमाजरी के सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार ने सदर थाना में शिकायत दी कि 10 जनवरी को सुबह इंद्रजीत नामक व्यक्ति का उसके पास फोन आया। आरोपी ने कहा कि वह एडीसी कार्यालय गुरुग्राम में कार्यरत है और पहले कैथल में कार्यरत था। उसने बीडीपीओ कैथल कार्यालय से उसका नंबर लिया है। आरोपी ने उसको कहा कि वह दो युवकों को कुरुक्षेत्र बिजली बोर्ड में नौकरी लगवा देगा। आरोपी ने इसकी एवज में उससे रुपये भी मांगे।
सने आरोपी के झांसे में आकर उसके कहे अनुसार अपने दो जानकारों को नौकरी लगवाने के लिए आठ हजार 70 रुपये रमेश नामक व्यक्ति के खाते में भिजवा दिए और साथ में युवकों के दस्तावेज भेज दिए। उसके कुछ दिन बाद आरोपी ने उसके फोन पर ज्वाइनिंग लेटर भेजे। जब आरोपी उससे और रुपये मांगने लगा तो उसे शक हुआ। जांच करवाई तो ज्वाइनिंग लेटर फर्जी पाए गए। ऐसा करके आरोपी ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। जांच अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।
सदर थाना से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी इंद्रजीत पर पहले भी कैथल में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी इंद्रजीत 2012 में कैथल एडीसी कार्यालय में कार्यरत था। वह किसी भी प्रकार के कार्य पर खर्च होने वाली राशि से संबंधित दस्तावेजों पर पहले अधिकारियों के हस्ताक्षर करवा लेता था और बाद में लिखित राशि के पीछे जीरो लगाकर निर्धारित से अधिक राशि निकलवा लेता था। उस सरकारी राशि को स्वयं हड़प लेता था। जब राशि भनक अधिकारियों को लगी तो उन्होंने जांच करवाई। उस आधार पर पता चला कि आरोपी रुपये हड़प रहा था। थाना से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय भी आरोपी पहले से दर्ज मामलों में भगोड़ा घोषित है।